महबूबा ने कहा, पिछले 10 वर्षों से जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इससे निकलने के लिए एक मजबूत सरकार का बनना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पीडीपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं। हार जीत लगी रहती है, हमें लोगों की मर्जी का सम्मान करना चाहिए। ये लोगों का फैसला है कि किसकी सरकार बनेगी। उनका कहना है कि मेरे हिसाब से लोगों को ऐसा लगता था कि भाजपा को नेकां और कांग्रेस दूर रख सकती है और एक स्थिर सरकार उन्हें दे सकती है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग बहुत समझदार हैं। वह नहीं चाहते कि यहां आकर कोई भी सरकार तोड़-फोड़ करे। लोगों को आने वाली सरकार से बहुत उम्मीदें हैं, खासकर बाहर के राज्यों की जेलों में बंद हमारे नौजवानों को और बेरोजगार युवाओं को। साथ ही लोग बिजली संकट से भी छुटकारा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पीडीपी को कम सीटें मिली हैं, पर इसका मतलब ये नहीं है कि पीडीपी इससे बाहर हो गई है। उन्होंने कहा, पीडीपी एक ऐसी पार्टी है, जिसके पास अपना एक एजेंडा है, पर उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं।