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J&K: नाराज बेग को मनाने में सफल रहीं महबूबा, टूटने से बची पार्टी

Tue, 11 Dec 2018 12:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Mehbooba Mufti - फोटो : फाइल फोटो
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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती नाराज सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग को मनाने में सफल रही हैं। दोनों नेताओं ने सोमवार को यहां पार्टी की बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। अब उन्हें पार्टी का संरक्षक बनाया जा सकता है। पीडीपी-भाजपा सरकार गिरने के बाद बगावत झेल रही पार्टी में टूट का खतरा बना हुआ था। माना जा रहा था कि बेग भी पार्टी से किनारा कस सकते हैं। बेग को मनाकर महबूबा पार्टी को बड़ी टूट से बचाने में सफल रही हैं। 

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पीडीपी ने इस बैठक के तुरंत बाद ट्वीट किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और मुजफ्फर हुसैन बेग की अध्यक्षता में बैठक की। सूत्रों के अनुसार मुजफ्फर हुसैन बेग को मनाने के बाद पार्टी अब उन्हें संरक्षक का पद देने पर विचार कर रही है। इसके लिए बेग से भी सलाह मशविरा किया गया है। वह मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथी और इस पार्टी के कद्दावर नेता हैं। पीडीपी प्रवक्ता के अनुसार सभी मामलों को सुलझा लिया गया है। बेग पार्टी के वरिष्ठ नेता और पीडीपी को बनाने वाले सदस्यों में से हैं।

पूर्व विधायक ही होंगे आने वाले चुनाव में प्रत्याशी
बैठक में कई विधायक नदारद रहे। कई नेताओं ने भड़ास निकाली कि सत्ता में रहकर हम जनता का कोई भी काम नहीं कर पाए। पार्टी अध्यक्ष ने संकेत दिया कि पूर्व विधायक ही आने वाले चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार होंगे। जो भी पार्टी के विरुद्ध जाएगा उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नेताओं को जनता के बीच जाने की सलाह दी। पूर्व विधायक बशारत बुखारी भी बैठक में नहीं थे। 
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एक और पूर्व विधायक ने छोड़ा साथ
पीडीपी से एक और पूर्व विधायक ने साथ छोड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार टंगमर्ग से विधायक रहे मोहम्मद अब्बास वानी ने पार्टी को अलविदा कहा है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी प्रमुख को भेज दिया है। इससे पहले पूर्व मंत्री डॉ. हसीब द्राबू व इमरान रजा अंसारी तथा पूर्व विधायक आबिद अंसारी ने इस्तीफा दिया था। 

बेग ने नेतृत्व के खिलाफ की थी बयानबाजी
राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा 21 नवंबर को विधानसभा भंग किए जाने के बाद अटकलें थीं कि मुजफ्फर हुसैन बेग भी पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने 20 नवंबर को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ  सार्वजनिक रूप से बयानबाजी की थी। कहा था कि पीडीपी ने निगम चुनाव का बहिष्कार कर पार्टी कार्यकर्ताओं को लोगों से जुड़ने के मौके से वंचित कर दिया। इस तरह उनके साथ विश्वासघात किया। उसने एक खाली जगह छोड़ दी और अब वह जगह भर गई है। राजनीति उन लोगों का इंतजार नहीं करती जो बहिष्कार करते हैं। घाटी में थर्ड फ्रंट के उभरने को समर्थन और वक्त की जरूरत बताया था। उनकी पत्नी सकीना बेग पार्टी की महिला शाखा की अध्यक्ष हैं। कहा जा रहा था कि वे भी पार्टी को अलविदा कह सकती हैं। 

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