राजनीतिक दल अनुच्छेद 370 पर लोगों को बेवकूफ न बनाएं- गुलाम नबी आजाद
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों से कहा कि वह घाटी में अनुच्छेद 370 के नाम पर बेवकूफ न बनाएं। आजाद के अनुसार जब संसद के दोनों हाउस में दो तिहाई बहुमत होगा तब अनुच्छेद 370 की बहाली हो सकती है और मौजूदा स्थिति में ऐसा हो नहीं सकता, क्योंकि अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के विरोध में केवल 77 वोट पड़े जबकि 370 के करीब वोट चाहिएं। उनके अनुसार यह कहना भी गलत होगा कि भाजपा ने अकेले 370 को हटाया।
आजाद के अनुसार यकीनन सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 बहाल हो सकता है पर तीन साल में आज तक कोई भी सुनवाई अनुच्छेद 370 पर उच्चतम न्यायालय में नहीं हुई, यह प्रक्रिया समय लेने वाली है। उनके अनुसार वह जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों से आग्रह करते हैं कि अनुच्छेद 370 के बजाय वह विकास को मुद्दा बनाएं।
गुलाम नबी आजाद ने उत्तरी कश्मीर और श्रीनगर के कई प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इन प्रतिनिधिमंडलों ने उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के कई मुद्दों, शिकायतों और समस्याओं से अवगत कराया। कई सरपंचों के साथ गहन विचार-विमर्श और बैठकों के अलावा डीडीसी के सदस्य वरिष्ठ नेताओं और पूर्व विधायकों की उपस्थिति में गुलाम नबी आजाद के साथ शामिल हुए।
प्रतिनिधिमंडलों से प्रदेश में बेरोजगारी पर की चर्चा
प्रतिनिधिमंडलों ने जम्मू-कश्मीर में विकास, अनिश्चितता, बेरोजगारी में वृद्धि से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में आजाद के कार्यकाल के दौरान राज्य के सभी क्षेत्रों में हुए ऐतिहासिक विकास की सराहना की। आजाद ने उनके निमंत्रण को स्वीकार कर लिया और उन्हें शीघ्र ही अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करने का आश्वासन दिया। आजाद ने प्रत्येक प्रतिनियुक्ति को अलग-अलग धैर्यपूर्वक सुना, उनके पूरे दिल से समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और उनकी वास्तविक मांगों को पूरा करने में उन्हें अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।