श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सामने आजादी के नारे लगाए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आने का विरोध करने के दौरान भगदड़ मच गई। लोगों ने कुर्सियां तोड़ीं। इसमें कुछ महिलाएं जख्मी हो गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि रोजगार के बहाने उनका राजनीतिक शोषण किया जा रहा है।
यहां जम्मू कश्मीर स्टेट रूरल लाइवलिहुड्स मिशन (जेकेएसआरएलएम) की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की ओर सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के बीच इसके फायदे और महिलाओं के अनुभव साझे किए जाने थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही महबूबा मुफ्ती मंच पर पहुंचीं और कुछ महिलाओं के अनुभव सुनना शुरू किया तो इस बीच कई महिलाओं ने खड़े होकर सरकार विरोधी और आजादी के हक में नारेबाजी शुरू कर दी।
बाकी और भी महिलाएं खड़ी हुईं और उनका साथ दिया। इस दौरान भी मुख्यमंत्री मंच पर मौजूद रहीं और महिलाओं को सुनती रहीं, लेकिन जब हालात ज्यादा बिगड़े तो उनके सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
महिलाओं के आजादी के नारे लगाते ही भगदड़ मच गई। कुछ महिलाएं मंच पर पहुंचीं और वहां रखीं कुर्सियों और पानी की बोतलें आदि को फेंकने लगीं, जिससे कई महिलाओं को चोटें भी लगीं और कई बिना चप्पलों के बाहर आती नजर आईं।
बाहर आई कुछ महिलाओं से जब घटना के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि वे इस कार्यक्रम में अपने रोजगार के लिए शामिल हुई थीं, पर उनको लगा कि उनका राजनीतिक शोषण किया जा रहा है, जिस कारण वे वहां से बाहर निकलीं। महिलाओं के एक समूह का कहना था कि उन्हें कहा गया था कि उन्हें सरकार की एक योजना के अंतर्गत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाएगा, लेकिन उन्हें यहां धोखे से लाया गया।
भीड़ में महिला के बेहोश होने पर मची अफरातफरी : महबूबा
Mehbooba Mufti
- फोटो : File Photo
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह कार्यक्रम इसलिए आयोजित किया गया था, ताकि पढ़ी-लिखीं महिलाओं को बताया जाए कि सरकारी योजनाओं के तहत कैसे अपने बलबूते पर परिवार के लिए कमाई करें और अपने पैरों पर खड़ीं हों, लेकिन भीड़ ज्यादा हो गई, जिसके चलते अफरातफरी मच गई।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महिला बेहोश हो गई, जिसे पानी नहीं मिल पाया, जिसको देख बाकी महिलाएं परेशान हो गईं और यह घटना घटी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अगर कोई ऐसा कार्यक्रम आयोजित करवाया जाए तो उसमें पानी आदि सुविधाएं सही हों।