जम्मू और कश्मीर डिवीजन के बाद अब लद्दाख को अलग डिवीजन का दर्जा मिलने पर कश्मीर के लगभग सभी राजनीतिक दलों ने इसका स्वागत किया है। इसमें एक बात और सामने आई कि इन दलों ने चिनाब वैली और पीर पंजाल को भी अलग डिवीजन की मांग रखी। इसे देख लगता है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में इन दलों का यह एक चुनावी मुद्दा बनेगा। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस कदम का स्वागत किया है।
महबूबा ने कहा कि राज्यपाल बाकी क्षेत्रों को अनदेखा कर भाजपा के एजेंडे को पूरा कर रहे हैं। लद्दाख एक दूरदराज इलाका है, हालांकि वहां हिल डेवलपमेंट काउंसिल है, लेकिन उसके बावजूद भी हम इस कदम का स्वागत करते हैं। महबूबा ने कहा कि पीर पंजाल और चिनाब वैली का इलाका भी काफी दूरदराज और पिछड़ा हुआ है वो आबादी के लिहाज से भी बड़ा है।
इसलिए उन्हें भी डिवीजन का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जो राज्यपाल का फैसला है मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे इनकी क्या मंशा है। क्योंकि अगर नीयत साफ होती तो इन इलाकों को भी एक अलग डिवीजन का दर्जा दिया जाना चाहिए, ऐसे फैसले रोज नहीं लिए जाते।
महबूबा ने कहा कि उन्हें लगता है कि कहीं न कहीं गवर्नर साहब भाजपा का ऐजंडा चला रहे हैं क्योंकि भाजपा नहीं चाहती कि पीर पंजाल और चिनाब वैली को अलग डिवीजन का दर्जा दिया जाए। भाजपा इसके खिलाफ रही है, क्योंकि इससे पहले जब हमने सरकार में रहते हुए ट्राईबल फारेस्ट एक्ट, तीन नए डिवीजन (लद्दाख, चिनाब वैली और पीर पंजाल) की बात रखी थी तब भाजपा इसके खिलाफ थी।