राज्यपाल शासन ने अहम फैसले में लद्दाख को अलग प्रशासनिक और राजस्व संभाग के सृजन को मंजूरी दी है। लद्दाख संभाग में लेह और कारगिल दो जिले रहेंगे और मुख्यालय लेह में रहेगा। सरकार ने लद्दाख के लिए मंडलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक लेह के पदों के सृजन को भी मंजूरी प्रदान करते हुए योजना, विकास और निगरानी विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर मंडल स्तर पर विभिन्न विभागों में पदों के सृजन, प्रस्तावित कार्यालयों के लिए स्थलों की निशानी व स्टाफ की भूमिका व जिम्मेदारी तय करने को कहा है।
लद्दाख को अलग संभाग के दर्जे की मांग पिछले अर्से से चली आ रही थी और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह और कारगिल समेत विभिन्न संगठनों ने भी इस मामले को सरकार के समक्ष जोरदार से तरीके से उठाया था। वर्तमान में लद्दाख में लेह और कारगिल जिलों के लिए पहाड़ी विकास परिषदों का गठन किया कर सत्ता का विकेंद्रीकरण किया गया है।
लद्दाख में भारी बर्फबारी के चलते सड़क मार्ग से करीब छह महीने से देश के अन्य हिस्सों से यह क्षेत्र कटा रहता है। इन छह महीनों में केवल लेह तक हवाई यात्रा ही की जा सकती है। दूरदराज व लद्दाख में सड़क संपर्क की समस्या के चलते लद्दाख को अलग संभाग का दर्जा दिया गया है। अभी तक लद्दाख कश्मीर संभाग का ही हिस्सा रहा।