जम्मू-कश्मीर में आतंकी खतरे के बीच राज्य की छह लोकसभा सीटों पर पांच चरणों में मतदान होंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने तीन केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। आयोग के साथ पर्यवेक्षकों की मंगलवार को पहली बैठक दिल्ली में हो रही हैं। बता दें इन पर्यवेक्षकों में नूर मोहम्मद सबसे अनुभवी और चुनाव प्रबंधन में माहिर हैं।
नूर मोहम्मद ने अमर उजाला से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि सूबे में चुनाव कराना खासा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा वहां का सबसे अहम मसला है, इसलिए विधानसभा चुनाव भी साथ नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि 2004 में भी जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए थे। हालांकि तब हालात अलग थे, अब काफी अलग हैं।
नूर ने कहा कि तीनों पर्यवेक्षक चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न हो सके। अनंतनाग में तीन चरणों में चुनाव पर उन्होंने कहा कि वहां डेढ़ साल से चुनाव नहीं हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से यह सीट अतिसंवेदनशील है। यह इलाका आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित है।
जम्मू-कश्मीर की छह सीटों पर पांच चरणों में मतदान
जम्मू-कश्मीर में 11 अप्रैल को पहले चरण में दो सीटों पर वोटिंग होगी। 18 अप्रैल को भी दो सीटों पर मतदान होगा। 23 अप्रैल को 1 और 29 को भी एक सीट पर मतदान होगा। पांचवें चरण में 6 मई को दो सीटों पर वोटिंग होगी। कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट पर तीन चरणों में मतदान होगा। यहां तीसरे, चौथे और पांचवें चरण में वोटिंग होगी। तीसरे चरण में अनंतनाग लोकसभा क्षेत्र की अनंतनाग विधानसभा और चौथे चरण में कुलगाम विधानसभा क्षेत्र में मतदान होगा। पांचवें चरण में शोपियां व पुलवामा सीट पर वोटिंग होगी।