जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अब प्रत्येक पंचायत पानी की गुणवत्ता की जांच कर सकेगी। जल शक्ति विभाग पूरे राज्य में पानी की जांच के लिए दस प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा प्रत्येक पंचायत को पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए फील्ड परीक्षण किटें प्रदान की जाएंगी। साथ ही स्थानीय युवाओं को भी जांच के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जानकारी वीरवार को हुई समीक्षा बैठक में कमिश्नर सेक्रेटरी पीएचई और आईएफसी अजीत कुमार साहू को अधिकारियों ने दी।
साहू ने वीरवार को जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में कमिश्नर सेक्रेटरी को जानकारी दी गई कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) के मानकों के तहत दस प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं को पंचायती राज संस्थानों को सौंपा जाएगा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार ने 2022 तक मिशन के तहत सभी घरों में स्वच्छ पानी मुहैया करवाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक प्रदेश के 18.17 लाख घरों और 7.82 लाख ग्रामीण परिवारों मिशन के तहत कवर किया जा चुका है।
गांवों में जल आपूर्ति के ढांचे में सुधार के लिए 1000 करोड़ मंजूर
वहीं, बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए वार्षिक कार्य योजना को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 1000 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी गई। चालू वर्ष में 2.32 लाख घरों को कवर करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। बैठक में परियोजना निदेशक एसएसए, मुख्य अभियंता जल शक्ति विभाग जम्मू-कश्मीर, निदेशक वित्त जल शक्ति विभाग, निदेशक योजना ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज, निदेशक योजना जल शक्ति विभाग और अन्य संबंधित उपस्थित थे। कश्मीर के अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक में भाग लिया।