जम्मू। नई लाइसेंस (नो अब्जेक्शन सर्टिफिकेट) फीस के मुद्दे पर व्यापारियों के कड़े तेवर के आगे नगर निगम बैकफुट पर आ गया। अब निगम की नई एनओसी फीस पर फिलहाल अमल नहीं होगा। शुक्रवार को जम्मू चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (जेसीसीआई) के चैंबर हाउस में बुलाई गई बैठक में निगम आयुक्त पंकज मगोत्रा और डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा को नई एनओसी फीस पर व्यापारियों का विरोध झेलना पड़ा।
निगम की ओर से 17 जुलाई को हुई जनरल हाउस बैठक का हवाला देते हुए अंडर सेक्शन 324, 328 जम्मू म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 2000 में एनओसी फीस में कई गुणा बढ़ोतरी की गई थी। इसमें वार्षिक और नवीकरण फीस में अलग-अलग पैमाना तय किया गया है। बढ़ी फीस को लेकर शुक्रवार को नोटिफिकेशन भी जारी कर दी गई। इस मुद्दे पर शनिवार को जेसीसीआई के चैंबर हाउस में हुई बैठक में व्यापारियों ने कड़ी आपत्ति जताई। आखिरकार एनओसी फीस को फिलहाल अमल में नहीं लाने का फैसला किया गया। निगम आयुक्त ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने पर नई एनओसी फीस पर विचार किया जाएगा। बैठक में चैंबर पदाधिकारियों में राजेश गुप्ता, राजीव गुप्ता, मनीष गुप्ता, गौरव गुप्ता, आशु गुप्ता, जुगल महाजन, विजय अग्रवाल, यशपाल गुप्ता सहित ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, होटलर्स, टूरिज्म एसोसिएशनों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
‘पहले व्यापारियों को विश्वास में लेना होगा’
चैंबर प्रधान राकेश गुप्ता ने कहा कि निगम के ढांचे को मजबूत बनाने के लिए राशि की जरूरत है, लेकिन व्यापारियों और दुकानदारों को विश्वास में लिए बिना नई एनओसी फीस को बढ़ाना गलत है। इससे ट्रेडर्स, होटलर्स सहित अन्य वर्ग बुरी तरह से प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि चैंबर की ओर से मौजूदा परिस्थितियों में किसी तरह की कोई नई फीस का भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने निगम प्रशासन को सुझाव दिया कि कि भविष्य में ऐसा कोई भी फैसला लेने से पहले जेसीसीआई को विश्वास में लिया जाए। इस दौरान निगम आयुक्त से विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने अपनी शंकाओं पर सवाल किए। डिप्टी मेयर ने भरोसा दिलाया कि नई फीस के फैसले को फिलहाल अमल में नहीं लाया जाएगा। भविष्य में ऐसे प्रस्तावों पर पहले जेसीसीआई से बात की जाएगी।
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वेयर हाउस के ट्रेडर्स फेडरेशन का भी विरोध
जम्मू। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट जम्मू की बैठक में नगर निगम की ओर से नई एनओसी फीस का विरोध किया गया। महासचिव दीपक गुप्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में मौजूदा परिस्थितियों में पहले से ही व्यापारी बुरी तरह से प्रभावित हैं। ऐसे में वे नई फीस कैसे देंगे। इसमें कई गुणा फीस बढ़ाई गई है। इससे व्यापारियों के लिए और परेशानी होगी। नई फीस 11 माह और तीन साल के लिए मान्य होगी। निगम को भविष्य में ऐसा कोई भी फैसला लेने से पहले व्यापारियों और दुकानदारों को विश्वास में लेना चाहिए।