जम्मू। जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने परियोजनाओं की प्रगति और विकास को ट्रैक पर लाने के लिए समय श्रृंखला डेटा विकसित करने के साथ मनरेगा और पीएमएवाई (जी) के तहत बनाई जा रही सभी संपत्तियों (विकास कार्य) की 100 फीसदी जियो टैगिंग के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में किए जा रहे विकास कार्यों की सूची पंचायत घरों में सामग्री व श्रम पर व्यय सहित प्रदर्शित की जाएं। मुख्य सचिव ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रामीण विकास विभाग द्वारा केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि मनरेगा के तहत विभाग ने चालू वित्त वर्ष में 12.41 लाख जॉब कार्ड जारी कर 170.87 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित किए हैं। विभाग ने 44509 कार्यों को पूरा कर लिया है और पहले चरण में 98.67 फीसदी और दूसरे चरण में 84 फीसदी कार्यों की जियो टैगिंग सुनिश्चित कर ली है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत विभाग ने 41 पंचायत भवन के निर्माण और नवीनीकरण के अलावा 37500 पीआरआई सदस्यों और 3500 सेक्टर समर्थकों के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण आयोजित किया है। आरजीएसए कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय शासन के लिए पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) की क्षमताओं को विकसित और मजबूत करना है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत विभाग ने 26113 परिवारों को पक्के आवासीय मकान बनाने में सहायता की है। मुख्य सचिव ने पीआरआई सदस्यों की आवश्यक जानकारी को कैप्चर करने वाले डेटाबेस के निर्माण और उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र में पूर्ण कार्यों पर उनकी प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए एक तंत्र तैयार करने को कहा। पीआरआई के संबंधित निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा कार्य प्रमाणीकरण विभिन्न विकास कार्यों की उचित निगरानी सुनिश्चित करेगा। विभाग कम से कम 20 हजार स्वयं सहायता समूहों के निर्माण और बैंकों व बाजारों के साथ उनके जुड़ाव को सुनिश्चित करे। विभाग 15 दिसंबर तक सभी ग्रामीण स्तरीय स्वच्छता योजनाएं तैयार करें। हिमायत योजना के तहत कम कवरेज पर हितधारकों के परामर्श से प्रशिक्षण के बाद उम्मीदवारों की नियुक्ति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।