जम्मू। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस, नेहरू मार्केट ने जम्मू में प्रचंड गर्मी के बीच जारी बिजली संकट की न्यायिक जांच की मांग उठाई है। फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक गुप्ता का कहना है कि टैक्स पेयर्स की हजारों करोड़ की राशि बिजली ढांचे पर खर्च करने के बावजूद बिजली संकट सवाल खड़े करता हैं। उन्होंने कहा कि साल 2018 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए आठ हजार करोड़ की राशि जारी की थी। उस राशि का क्या हुआ। इतनी भारी भरकम राशि बिजली ढांचे पर खर्च होने के बावजूद आम आदमी को राहत क्यों नहीं मिल पा रही।
उन्होंने कहा कि अघोषित बिजली कटौती आम हो गई है। इससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। भ्रष्ट सिस्टम की वजह से यह सब हो रहा हैं। व्यापारी ई-वे बिल तक जनरेट नहीं कर पा रहे और टैक्स विभाग व्यापारियों पर जुर्माना कर रहा है।
व्यापारी वर्ग के लिए बिजली की बुनियादी जरूरत है। यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जम्मू के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, जिसका सरकारी स्तर पर अभाव रहा। अब गर्मी में लोगों को बिजली चाहिए और वह भी नहीं मिल रही। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और बिजली संकट के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें।
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुनीश महाजन, उपाध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता, महासचिव शाम लाल लंगर, सचिव विशाल गुप्ता, कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता के अलावा शूगर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश बगोत्रा, दाल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्ति गुप्ता, आलू प्याज एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता, राइस एसोसिएशन के अध्यक्ष बिशन दास, किराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्ता, आयल एसोसिएशन के महासचिव जीएस कोहली माजूद रहे।