जन सुनवाई कार्यक्रम में लोगों ने खनन विभाग के खिलाफ निकाला गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के दबोह गांव में प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने खनन को लेकर जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान स्थानीय पंचों, सरपंचों और लोगों ने खनन ठेकेदारों व प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। सरपंच सुरिंदर सिंह, सुनील चौधरी, पूर्ण चंद, आदि ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन की मिलीभगत से ही खनन ठेकेदार मनमानी से रेत के दाम लेते हैं। यदि उन्हें सरकारी दामों के बारे में कहा जाए तो वे रेत ही नहीं देते।
कहा कि खनन ठेकेदारों की मनमानी से आम लोग परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि मकान बनाना हो तो दो हजार से ढाई हजार रुपये की एक ट्रॉली रेत दिया जाता है। सरकारी दाम से कई गुना अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। लेकिन, प्रशासन कुछ नहीं कर रहा। यदि कोई उनसे बहस करे तो वे रेत ही नहीं देते। उन्होंने कहा कि बसंतर दरिया का सीना छलनी कर दिया है। 20-20 फुट तक गड्ढे बना दिए हैं। खनन विभाग उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। प्रशासन केवल दिन में खनन की अनुमति देता है। जबकि, खनन ठेकेदार रात को भी खनन कर रहे हैं। उन्होंने मांग उठाई कि बसंतर दरिया से दो वर्ष के लिए खनन बंद किया जाए।
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खनन समिति के सदस्य स्वयं ही जांच करेंगे कि कोई ठेकेदार अधिक दाम तो नहीं वसूल रहा। इसके लिए हम एक सप्ताह में पांच दिन मौके पर जाकर भी जांच करेंगे।
- राकेश दुबे, एडीसी, सांबा