फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: मासिक बैठक में समस्याएं सुनने नहीं केवल हाजिरी लगाने पहुंचे थे पटवारी

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायत परलाह में हुई बैठक, लोगों की समस्याएं सुनने और विकास के मुद्दों पर होती है चर्चा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ ब्लॉक की पंचायत परलाह में सोमवार को मासिक बैठक हुई, जिसमें 21 में से केवल छह विभागों के अधिकारी ही मौजूद रहे। राजस्व विभाग के पटवारी भी केवल हाजिरी लगाने के लिए आए और 10 मिनट में ही बिना समस्याएं सुनकर चलते बने। यह बैठक लोगों की समस्याएं और विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए होती हैं, लेकिन जब अधिकारी ही नहीं होंगे तो लोग परेशानियां किसे सुनाएंगे?
महीने के पहले सोमवार को यह बैठक उपायुक्त के आदेश पर शुरू की गई है। इस सोमवार सरपंच और पंचों ने ग्राम सेवक से कहा कि मासिक बैठक में सभी सरकारी विभाग नहीं आते हैं। इनकी शिकायत संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से करनी चाहिए, क्योंकि ज्यादातर सरकारी विभाग के अफसर इस बैठक को महज खानापूर्ति समझते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के पटवारी को बैठक में आने के लिए कहा गया। उसके बाद वह आए और 10 मिनट में ही हाजिरी लगाकर चले गए। इससे साफ होता है कि वह मासिक बैठक को लेकर गंभीर नहीं हैं। बैठक में राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग, जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस विभाग और कृषि विभाग मौजूद थे।
विज्ञापन

बैठक में पंचायत के ग्राम सेवक और प्रतिनिधियों में तीखी बहस हुई। पंच दर्शन कुंडल ने सरपंच से कहा कि गांव में तीन सामुदायिक सेवा केंद्र (सीएफसी) हैं, लेकिन पंचायत का उन पर कोई अधिकार नहीं है। कोई भी बैठक करने के लिए लोगों को सीएफसी की सुविधा नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि ग्रामसेवक की जिम्मेदारी बनती है कि पंचायत में जितने भी सीएफसी हैं, उनकी चाभी पंचायत के हवाले की जाए, ताकि समय पड़ने पर लोग पंचायत से इनका इस्तेमाल कर सकें। सरपंच और पंचों ने ग्राम सेवक को बताया कि पंचायत घर में बिना अनुमति के एक परिवार रह रहा है। अगर कल कोई समस्या होती है तो इसकी जिम्मेवारी ब्लॉक अधिकारी की होगी। क्योंकि, पंचायत घर गांव के बाहर मौजूद है। और, वहां एक परिवार का रहना बिल्कुल ठीक नहीं है। इसलिए, इस मुद्दे को तुरंत हल करना चाहिए।


बीमा कंपनियों से नुकसान का दौरा करने के लिए कहें किसान
सरपंच शशि कुमार ने कहा कि बीते दिनों हुई बारिश से जिन लोगों की फसल को नुकसान पहुंचा है, उन लोगों को पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सरकारी विभाग के अधिकारी भी बताएं कि जिन लोगों ने फसल का बीमा करवाया है, वह बीमा कंपनी से मौके का दौरा करने के लिए कहें। और, कृषि विभाग के अधिकारी को भी गेहूं के नुकसान को लेकर अवगत करवाएं।
विज्ञापन


पंचायत घर में किसी को रहने की अनुमति नहीं
खंड विकास अधिकारी सुचेतगढ़ वरुण चौधरी ने कहा कि गांव में बने सीएफसी पर सीधा अधिकार पंचायत का होता है, और सरपंच के पास उसकी चाभी रहती है। गांव में जरूरत पड़ने पर लोगों की सुविधा के लिए सीएफसी खोलना चाहिए। साथ ही पंचायत घर में किसी को रहने की अनुमति नहीं होती। अगर पंचायत प्रतिनिधियों की सहमति हो तो यह मुमकिन है। लेकिन, अगर कुछ होता है तो उसके प्रति जवाबदेही प्रतिनिधियों की ही होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें