फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, ड्रोन से हथियार भेजकर माहौल बिगाड़ने की कर रहा कोशिश

विज्ञापन
विज्ञापन
सांबा जिले में दो वर्ष के अंदर करीब डेढ़ दर्जन बार हो चुकी ड्रोन घुसपैठ की कोशिश
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले की भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बार-बार भारतीय सीमा में नशा और हथियार गिराकर माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहा है। सोमवार को विजयपुर में मिली हथियारों की खेप भी इसी हरकत का नतीजा थी, जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया है।
सांबा सेक्टर की भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट ही जम्मू-पठानकोट हाईवे है। पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकियों को नदी-नालों के रास्ते घुसपैठ करवाती रही है। बाद में जब जीरो लाइन पर तारबंदी लगाई गई तो पाकिस्तानी सेना की मदद से आतंकियों को सुरंग के माध्यम से घुसपैठ करवाई जाने लगी। सुरक्षा बलों की बढ़ रही सतर्कता के चलते सुरंग से घुसपैठ पर अंकुश लगने पर अब पाकिस्तान की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल किया जाने लगा है। ड्रोन से हथियार गिराए जा रहे हैं। गत 22 मार्च को देर रात पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में टिमटिमाती रोशनी देखी गई, जो कि एक ड्रोन था। सतर्क बीएसएफ के जवानों ने गोलीबारी की।
विज्ञापन

रामगढ़ के बीओपी चमलियाल में बीएसएफ की 148वीं केबीपी नंबर 47 के पास ड्रोन की हलचल देखी गई। जैसे ही ड्रोन ने भारतीय सीमा की जीरो लाइन में प्रवेश किया, सतर्क बीएसएफ के जवानों ने पाक ड्रोन की ओर 15 से 20 फायर किए। इसके कारण ड्रोन को वापस पाक क्षेत्र में खदेड़ दिया गया। बाद में क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया गया। इसी बीच गत दिनों हीरानगर की सनेयाल पुलिस चौकी पर बम विस्फोट किया गया। उसके बाद गत 31 मार्च की रात को अरनिया व रामगढ़ के मध्य पाक ड्रोन की हलचल देखी गई। बीएसएफ जवानों ने फायर भी किए। रक्षा सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा से होकर वापस चला गया हो। हो सकता है कि उसी दिन विजयपुर के एम्स की देविका के पास हथियार गिराए गए हों। सरकंडा होने पर किसी की नजर नहीं पड़ी हो, जिसे आज किसी ने देखा हो।
विज्ञापन


ड्रोन से गिराई जा चुकी है एके-47
सांबा जिले में गत दो वर्ष के दौरान डेढ़ दर्जन से भी अधिक बार पाक ड्रोन की घुसपैठ हो चुकी है। हालांकि, अधिकतर बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन को वापस खदेड़ा है। कुछ सफल प्रयास भी हो चुके हैं, जिसमें 5 जुलाई 2021, 30 जुलाई 2021, 12 सितंबर 2021, 18 सितंबर 2021, 18 अक्तूबर 2022, 30 अक्तूबर 2022, 18 सितंबर 2022 और 24 नवंबर 2022 की तारीखें शामिल हैं। कुल मिला कर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन की घुसपैठ बढ़ गई हैं। सूत्रों के अनुसार ड्रोन द्वारा पहले एके-47 भी गिराई गई थी। जबकि, अधिक बार ग्रेनेड व पिस्टल ही देखने को मिले हैं। पिस्टल आसानी से छिपाए जा सकते हैं, और टारगेट किलिंग में काम आते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें