अखनूर। दि रिटायर्ड सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस वारियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों की बुधवार को पलोडा में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष प्रधान रामलाल डोगरा ने की। सभा में अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काम एक नाम अलग-अलग पैसा, मिलिटरी के जवान क्या इस देश के जवान नहीं हैं। जो रात दिन हर मौसम में देश कि सीमाओं की रक्षा करते हैं।
उन्होंने कहा कि 40 साल देश की सेवा करने वालों को न कोई सुविधा न ही पेंशन है। सांसद और विधायक समाजसेवक हैं फिर भी पेंशन ले रहे हैं। यहां तक कुछ सांसद व विधायक जेल में भी पेंशन ले रहे हैं। वही नेता संसद में बैठ कर देश के रखवालों की पेंशन बंद करने का फरमान जारी करते हैं। पेंशन कोई इनाम नहीं, बल्कि यह पैरा मिलिटरी के जवान का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जवान अपनी जिंदगी के 40 महत्वपूर्ण साल का सुनहरा वक्त अपने परिवार से दूर रह कर देश की सीमा पर छाती पर गोलियां खाकर गुजारता है। उसके रिटायर्ड का सहारा पेंशन ही है। पैरा मिलिटरी व सेना जवानों के लिए एक ही कानून होना चाहिए। सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार पैरा मिलिटरी के साथ जुल्म करना बंद करे। जिन पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। अंदर ही अंदर बन रहा यह लावा एक दिन फटेगा और पैरा मिलिटरी के अंदर विद्रोह होगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बैठक में अर्जुन सिंह, यशपाल, बलदेव टाज, जगातीर सिंह, सोमनाथ शर्मा, थोकू राम, बोधराज आदि उपस्थित थे।