घाटी में उत्पन्न तनाव के बीच कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा तथा सुविधा के लिए राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। इसके लिए जम्मू में डिप्टी सीएम निर्मल कुमार सिंह तथा एमएलसी सुरेंद्र अंबरदार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कश्मीर में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रो. अमिताभ मट्टू इसकी कमान संभालेंगे। वे कश्मीरी पंडितों से बात कर उन्हें सुरक्षा के प्रति पूरी तरह आश्वस्त करेंगे।
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद गुस्साई भीड़ ने बेस्सू में कश्मीरी पंडितों की कालोनी पर पथराव किया था। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए बनाई गई चौकी में तोड़फोड़ की थी। इससे आतंकित होकर पंडितों ने श्रीनगर के ज्येष्ठा माता मंदिर में शरण ली। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त 200 से अधिक मुलाजिम घाटी से जम्मू लौट आए हैं।
वे पिछले तीन दिनों से सुरक्षा तथा उनका स्थानांतरण जम्मू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि घाटी के हालात ऐसे हैं कि उनका जाना संभव नहीं है। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से घाटी में ससम्मान वापसी के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच नए हालात में कश्मीरी पंडितों के मन में समाए भय को दूर करने के लिए ही सरकार ने यह कदम उठाया है।
इसके तहत उन्हें यह पूरी तरह आश्वस्त किया जाएगा कि सरकार उनकी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखेगी। किसी भी कीमत पर पहले वाली स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।