कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अंबिका सोनी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने रविवार को घाटी में बने हालात की जानकारी ली। अंबिका ने हिसा के हालात के लिए रियासत की गठबंधन सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आज लोगों में जो गुस्सा बढ़ा है, उसके पीछे दोनों पार्टियों की विपरीत मानसिकता भी है। लोगों ने पीडीपी-भाजपा को एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते देखा, लेकिन, जब वह एक साथ सरकार में शामिल हुए, तो लोगों का गुस्सा बढ़ा। उनको लगता है कि उन्हें बेवकूफ बनाया जा रहा है।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम कोई सियासत करने नहीं आए हैं। 10 दिनों के भीतर केवल एक बार प्रधानमंत्री कश्मीर के हालात पर बैठक करते टीवी पर दिखे, लेकिन, उसमें न जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री दिखीं न अन्य कोई प्रमुख चेहरा दिखा।
न ही यह पता चल पाया कि मौजूदा हालात का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने शांति बहाली के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की प्रधानमंत्री से मांग की। सब चाहते हैं कि जल्द घाटी में हालात सामान्य हों। हम सबको बिना किसी सियासत के शांति बहाली में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभी भी कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें सही चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं, जो अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें सही चिकित्सा सुविधाएं मिलें। इससे पहले हुई बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद मीर ने केंद्रीय नेताओं को हालात की जानकारी दी।
पैलेट गन का प्रयोग बंद हो
अंबिका सोनी ने कहा कि जिन विमानों में अतिरिक्त फौजें कश्मीर लाई गईं, उन्हीं विमानों में घायलों को राज्य से बाहर इलाज के लिए ले जाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यहां आकर पता चला कि पैलेट गन के प्रयोग से 100 से अधिक लोगों को गंभीर चोटें पहुंची हैं। इसलिए ऐसा कोई उपाय निकाला जाए, जिससे भीड़ नियंत्रण के दौरान लोगों को गंभीर चोटें नहीं पहुंचे।