उत्तरी कश्मीर के जिले कुपवाड़ा में सुरक्षा बलों की गोली से युवक खालिद की मौत के विरोध में गुरूवार को कुपवाड़ा पूरी तरह बंद रहा। स्कूल-कालेज के साथ ही दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान आदि बंद रहे। सड़कों से यातायात भी गायब रहा। हिंसा की आशंका के चलते कई इलाकों में पाबंदियां लागू की गई थीं। इस बीच युवक के जनाजे के बाद क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी। युवकों ने सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया। हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इससे काफी देर तक तनाव की स्थिति रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्रेहगाम सहित कुपवाड़ा टाउन के कई संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लागू की थीं ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। मछिल, केरन और टंगधार को छोड़कर जिले के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए थे। इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई थी, ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति न पैदा हो। त्रेहगाम इलाके में युवक के जनाजे में काफी संख्या में लोग शामिल हुए। भीड़ ने राष्ट्र विरोधी नारेबाजी भी की। उधर, जिला प्रशासन ने शुक्रवार को भी कुपवाड़ा और त्रेहगाम में पाबंदियां लागू करने की घोषणा की है।
यह था मामला
बुधवार शाम को त्रेहगाम इलाके में पत्थरबाजी के बाद सेना की ओर से की गई फायरिंग में खालिद गफ्फार गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरपीसी की धारा 148, 149, 323, 307 और 336 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।