एनकाउंटर में मोर्चा संभाले सुरक्षाकर्मी
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जम्मू से 27 किमी दूर झज्जर कोटली इलाके में सुरक्षाबलों ने बड़ा सर्च अभियान चलाते हुए जैश के तीन पाकिस्तानी आतंकियों को 33 घंटे के ऑपरेशन के बाद कटड़ा जाने वाली पुराने मार्ग पर मार गिराया गया। जंगल में बड़ा सर्च अभियान चलाया गया। इसके लिए हेलीकाप्टर और ड्रोन की मदद ली गई। गुरुवार को दिनदहाड़े हुई म़ुठभेड़ में सीआरपीएफ के पांच जवान हर्षपाल सिंह, पंचम सिंह, अभय सिंह, मनोज कुमार, जाकिर हुसैन और जम्मू कश्मीर पुलिस के दो कर्मी मोहम्मद इकबाल, भानू प्रताप सिंह सहित सेना के भी जवान घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि तीनों आतंकी सांबा के तरनाह नाले से घुसे थे। इससे रास्ते से पहले भी कई बार घुसपैठ हो चुकी है।
बता दें कि बुधवार को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जैश के तीन आतंकियों ने हाईवे पर दिनदहाडे अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत मचा दी थी। इसके बाद वह पुलिस कर्मियों पर फायरिंग करते हुए जंगल में भाग गए थे। हमला उस समय हुआ जब पुलिस वालों ने एक ट्रक की तलाशी लेने की कोशिश की। घटना स्थल से एक एके 47, एक चाइनीज पिस्टल, छह ग्रेनेड व अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, तीनों आतंकी फिदायीन हमले करने के उद्देश्य से दाखिल हुए हैं। ये आतंकी कठुआ के हीरानगर नाले से घुसपैठ कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। इसके बाद तीनों आतंकी जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे एक ट्रक पर सवार होकर कश्मीर जा रहे थे। इस ट्रक में बाड़ी ब्राह्मणा से वालपुट्टी लोड की गई थी। झज्जर कोटली के पास पुलिस ने ट्रक रोकने की कोशिश की परंतु चालक ट्रक चालक रियाज लेकर वहां से भाग निकला।
पुलिस ने पीछा किया तो चालक ने ट्रक को झज्जर कोटली के साईं कैफेटेरिया के पास खड़ा कर दिया। इस बीच पुलिस पहुंच गई और उसने चालक से ट्रक की जांच करवाने को कहा। पुलिस ने जैसे ही साइड का दरवाजा खोला तो अंदर छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस कर्मी दूसरी तरफ भागा। इतने में आतंकी भी बाहर निकले और जंगल की तरफ भाग निकले।