मसर्रत की रिहाई और और इलाहाबाद की जिला अदालत परिसर में गोली मारकर वकील की हत्या के विरोध में जिला बार एसोसिएशन ने वीरवार को कोर्ट परिसर में कामकाज ठप रखकर विरोध जताया। बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट सुखदेव सिंह की देखरेख मेें वीरवार को वकीलों ने कामकाज बंद रखा और विरोध जताया।
बार अध्यक्ष सुखदेव सिंह संबयाल ने कहा कि अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई देश तथा राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा है। उसकी रिहाई कहीं से भी सही नहीं कही जा सकती। उन्होंने कहा कि मसर्रत आलम भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है।
2010 में घाटी में इसी के इशारे पर हुए आंदोलन में 112 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। बार के अन्य वकीलों ने भी अलगाववादी नेताओं की रिहाई का विरोध किया और राज्य सरकार से कहा कि वह वोट बैंक और सत्ता के लिए देश की सुरक्षा से समझौता नहीं करे, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।