जम्मू कश्मीर में बडगाम जिले की एक स्थानीय अदालत ने अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी। मसर्रत की जमानत याचिका के लिए दाखिल की गई अर्जी को आज खारिज कर दिया।
हुर्रियत नेता के वकील शबीर अहमद भट ने बताया कि अदालज ने मसर्रत की जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत की याचिका किस आधार पर खारिज की गई है, उसके बारे में जानकारी आदेश की विस्तृत प्रति प्राप्त होने के बाद पता चलेगी।
45 वर्षीय अलगाववादी नेता को पिछले सप्ताह (16 अप्रैल) को देशद्रोह और देश के खिलाफ युद्ध छोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।गौरतलब है कि पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने तथा वहां का झंडा लहराने के आरोप में गत 17 अप्रैल को मसरत को गिरफ्तार किया गया था।
मसर्त आलम पर जनसुरक्षा अधिनियम के तहत भी गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया था। मसर्रत के उपर पीएसए (जन सुरक्षा अधनियम) के तहत चार्ज लगाए गए है।
मसर्रत आलम को सेक्शन 121-A(देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने), सेक्शन124(देशद्रोह), 147(दंगा) के चार्ज लगाए गए हैं। इन सब धाराओं के तहत मसर्रत को दो साल के लिए बिना ट्रायल के जेल में भेज दिया गया है।
जांच के दौरान वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि मसर्रत आलम भी में शामिल हो कर भारत विरोधी नारे लगा रहा है और पाकिस्तान का झंड़ा फहरा रहा है।