शहीद जम्मू कश्मीर कांस्टेबल परवेज का शव घर पहुंचा
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कश्मीर घाटी में शहीद हुए जिले की बुद्धल तहसील के डंडोत गांव के निवासी पुलिस जवान परवेज अहमद को सोमवार को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि समारोह में एसएसपी राजोरी युगल मनहास, सेना की 60 आरआर के कमांडिंग अधिकारी टीपी शर्मा, आईआरपी के दूसरी बटालियन के कमांडेंट लियाकत चौधरी, एसीआर राजोरी कयूम मीर, डीएसपी ऑपरेशन राजोरी सुखदेव सिंह, एसडीपीओ मंजाकोट इम्तियाज अहमद, तहसीलदार बुद्धल खुरशीद तांत्रे व बुद्धल के कई वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। शहीद को गांव के एक कब्रिस्तान में दफन किया गया।
इस मौके पर शहीद के परिवार वालों ने कहा कि सरकार बुद्धल से सेना की बटालियन खड़ी करे। वे परवेज की शहादत का बदला लेंगे। शहीद के दोनों छोटे भाइयों मोहम्मद शफीक और मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि जब तक उन आतंकवादियों का सफाया नहीं किया जाता, जिन्होंने उनके भाई को शहीद किया है, तब तक परिवार को चैन नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे सेना में या पुलिस में भर्ती होकर घाटी में तैनाती चाहते हैं, ताकि वहां अपने भाई की शहादत का बदला ले सकें।
एक बेटा शहीद हुआ, उसकी जगह लेंगे दोनों छोटे बेटे
शहीद के घर श्रधांजलि देने पहुंचे आला अधिकारी
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शहीद परवेज के पिता मोहम्मद अब्बास ने कहा कि उनके बेटे ने देश के लिए अपनी कुर्बानी दी है। उन्हें इस पर फक्र है। उन्होंने कहा कि परवेज अब नहीं रहा, लेकिन अभी उनके दोनों छोटे बेटे हैं। वे भी देश के लिए कुछ भी कर गुजरने से कभी पीछे नहीं हटेंगे। अब वे दोनों परवेज के सपनों को पूरा करेंगे। परवेज के पिता ने उन्हें भी देश के लिए समर्पित करने की बात कही।
परवेज का शव पहुंचने पर लगे भारत माता की जय के नारे
शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते अधिकारी
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शहीद के शव के इंतजार में रविवार देर रात भी परवेज के घर में लोगों का तांता लगा रहा। रविवार रात भारी बारिश होने से सोमवार की सुबह जब परवेज का शव घर पहुंचा, तो वहां मौजूद लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए। परवेज की पत्नी फरीदा बेगम और परिवार के अन्य सदस्यों को रो-रोकर बुरा हाल था। माता-पिता को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि करीब दो माह पहले ईद मना कर ड्यूटी पर गए उनके जिगर का टुकड़ा तिरंगे में लिपटा घर लौटा है।