दिवाली पर रोशनी के बाजार पर चाइनीज ड्रैगन का कब्जा हो गया है। मोमबत्तियों से लेकर बिजली का तमाम सजावटी सामान चीन का बना हुआ है। मोमबत्ती, दीये और इलेक्ट्रिक लाइट अच्छे रंग और डिजाइन में हैं। मिट्टी और प्लास्टिक के दीयों में मोम, जेल का पेस्ट डालकर तैयार किया है। इसके अलावा दिल, गेंदे के फूल, चमेली, तितली, टेडी बियर, डायमंड और अन्य डिजाइन और रंगों में मोमबत्ती को तैयार किया है।
दूसरी ओर फ्लोटिंग मोमबत्ती और दीये भी तैयार किए हैं। मोती बाजार के होलसेल दुकानदार ने बताया कि मोमबत्ती और दीये के पैक की रेंज तीस से लेकर ढाई सौ रुपये तक है। मोती बाजार के अन्य दुकानदार ने बताया कि कपड़ों से बने कंदील और लटकन लैटर्न भी लोगों को ज्यादा भा रहे हैं। कंदील और लटकन लैटर्न में बल्ब और ट्यूब लाइट लगाकर घर के भीतर सजा सकते हैं।
इनकी रेंज साठ से लेकर ढाई सौ रुपये तक है। पक्का डंगा स्थित दुकानदार आतिश और सार्थक ने बताया कि इस बार रिमोट कंट्रोल से चलने वाली मोमबत्ती बिना मोम के बैटरी के साथ चलती है। इस मोमबत्ती को आन करने से चार पांच अलग-अलग रंगों को रिमोट कंट्रोल के जरिये आन किया जा सकता है। मोमबत्ती का दाम चार सौ रुपये है, जबकि फ्लोरल लाइट स्टेंड का दाम साढे़ तीन सौ रुपये तक है।