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जम्मू कश्मीर में वन भूमि अतिक्रमण में कई बड़े नेता शामिल: बाली

Tue, 09 Jun 2015 12:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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रियासत में दो लाख 66 हजार कनाल वन भूमि पर अतिक्रमण है। राजनीतिज्ञों, पुलिस अधिकारियों, संबंधित अधिकारियों, भू माफिया और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब चलता रहा है। सौ दिनों में ही 13 हजार कनाल से ज्यादा अतिक्रमण की गई भूमि को मुक्त करवा लिया गया है।
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सुंजवा, भठिंडी आदि क्षेत्रों में वरिष्ठ राजनीतिज्ञों ने भी वन भूमि पर कब्जा जमाया है और बेहद जल्द उनके नामों का खुलासा भी सरकार कर देगी। वन, पर्यावरण और समाज कल्याण मंत्री बाली भगत ने सौ दिनों की अपने मंत्रालयों की उपलब्धियों को दर्शाते हुए सोमवार को यह खुलासा किया। पत्रकार वार्ता में मंत्री ने कहा कि जम्मू जिले में सुंजवा, भठिंडी, रैका और सिद्दड़ा आदि क्षेत्रों में वन भूमि की परिसीमन की कवायद शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा जम्मू संभाग में अभी तक 84.86 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया है और कश्मीर संभाग में 70.20 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त करवा ली गई है। अतिक्रमण की गई शेष भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त करवाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की कार्यशैली पर आरोप लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण को हटाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
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छह जिलों में बेटियों के हित में योजना शुरू
समाज कल्याण, वन एवं पर्यावरण मंत्री बाली भगत ने कहा कि रियासत के छह जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम में एक अप्रैल 2015 से बेटियों के हित में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत नवजात बेटियों के लिए स्कीम शुरू कर दी गई है। इसके तहत 14 साल तक सरकार हर महीने एक हजार रुपये जमा करवाएगी और बेटी जब 21 साल की होगी तो उसे छह लाख से ज्यादा की राशि मिलेगी।

उन्होंने कहा कि रियासत में केंद्रीय प्रायोजित और राज्य प्रायोजित पेंशन योजनाओं के तहत दस लाख लाभार्थियों के हित में डीबीटी योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा सरकार ने जब कामकाज संभाला को ढाई साल से लोगों को पेंशन नहीं मिल रही थी। इसे अब पटरी पर लाया जा रहा है।

फारेस्ट इंडस्ट्री स्थापित करने की योजना
वन मंत्री बाली भगत ने कहा कि रियासती में ग्रीन गोल्ड (वन) का खजाना है। ऐसे में उनकी योजना रियासत में फारेस्ट इंडस्ट्री स्थापित करने की है। अभी तक रियासत में मेज, कुर्सी और कंप्यूटर टेबल तक चीन से बनकर आ रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी को एक माह में रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

श्री अमरनाथ यात्रा के लिए हरसंभव मदद देंगे
वन मंत्री बाली भगत ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं के लिए उनका विभाग हरसंभव मदद करेगा। वन कानूनों के तहत कोशिश की जाएगी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत अमरनाथ यात्रियों को सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता है।
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