वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह ने चुनौतीपूर्ण समय में भारत को जरूरी आर्थिक नेतृत्व, वैश्विक मान्यता, स्थिरता और एकता प्रदान की। मैं उनके निधन से दुखी हूं। वह दूरदर्शी और भारत के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक थे। मुझे उनके मंत्रिमंडल में दो बार सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैंने उनकी असाधारण विनम्रता, बुद्धिमता और शालीनता को प्रत्यक्ष रूप से देखा है।
आजाद ने कहा कि डॉ. सिंह ने अपनी टीम को स्वतंत्रता और विश्वास के साथ काम करने के लिए सशक्त बनाकर सहयोग और उत्कृष्ठता का माहौल बनाया। एक अर्थशास्त्री और राजनेता के रूप में उनका योगदान हमेशा भारत के इतिहास में अंकित रहेगा। डाॅ. मनमोहन सिंह की विरासत परिवर्तनकारी नेतृत्व की है, जिसने पीढि़यों से अनगिनत व्यक्तियों को प्रेरित किया है। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुझे उनसे बातचीत करने और उनसे सीखने के कई अवसर मिले। वह वास्तव में एक बौद्धिक दिग्गज और एक कुशल अर्थशास्त्री थे। लेकिन सबसे बढ़कर वह एक सज्जन व्यक्ति थे। उनके निधन से भारत ने एक महान सपूत को खो दिया है।
ईमानदारी के स्तंभ थे
नेकां अध्यक्ष डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने भी मनमोहन सिंह निधन पर दुख जताया। कहा कि वे एक संपूर्ण राजनेता, अर्थशास्त्री और ईमानदारी के स्तंभ के रूप में रहे, जिन्होंने बुद्धिमत्ता और विनम्रता के साथ देश का नेतृत्व किया।