विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने जिला प्रशासन पर कांग्रेसियों के हाथों में खेलने का आरोप लगाया है। पंचैरी के पंजर गांव में बचाव कार्य में देरी के कारण ही कई लोगों की जानें चली गईं। शनिवार शाम चार पंजर व सदल गांव में भूस्खलन हुआ और दूसरे दिन रविवार को शाम चार बजे जिलाधीश ने सेना से संपर्क कर राहत कार्य शुरू किया।
जिला प्रशासन की तरफ से क्रिमिनल नेगलीजेंस हुई है। इसके लिए वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधीश तीन दिन तक गायब रहीं। रविवार सुबह 35-40 लोगों के मरने की सूचना के बाद राहत एवं बचाव कार्य चलाया, जबकि सुबह छह बजे ही रेडियो में समाचार चल चुका था।
मीडिया को भी इसकी सूचना मिल गई। इसके बावजूद राहत एवं बचाव कार्य में देरी एक आपराधिक मामला बनता है। जिलाधीश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बहकावे में आकर आम लोगों की जान से खेल रही हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय को भी इस संबंध में एक ज्ञापन भेजा जा चुका है। आरोप यह भी लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारी एक जगह पर बैठकर पीड़ितों की सूची तैयार कर रहे हैं।