पिछले साल भी बोरियों को ढकने के लिए नहीं हो पाई थी तिरपाल की व्यवस्था
किसानों को सता रहा बारिश के दौरान दाना भीगने का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में एक ही धान खरीद मंडी खोली गई है जिस में दूर दराज से किसान अपनी फसल को बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। यही नहीं हीरानगर तहसील के किसान भी मंडी में धान ले कर पहुंच रहे हैं। आज तक 2555 क्विंटल धान मंडी में पहुंच चुकी है, जिसमें 45 किसान जुड़े हैं।
मंडी फिलहाल खुले आसमान के नीचे ही चलाई जा रही है। गत वर्ष धान खरीद मंडी में धान की बोरियों को ढकने के लिए तिरपाल तक की व्यवस्था नहीं थी जिस कारण काफी धान को बारिश से नुकसान हुआ था। स्थानीय किसान रमेश सिंह, बलकार चंद, रोशन लाल के अनुसार धान खरीद मंडी में धान की फसल को रखने के लिए सरकार की ओर से भी पूरी व्यवस्था की जाए। उनके अनुसार कि पहले ही धान की 50 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है। मंडी में खुले आसमान के नीचे लगे धान के ढेर से किसान भी परेशान रहते हैं।
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उन्होंने बारिश के बचाव के लिए सभी प्रबंध किए हैं, तिरपाल आदि की पूरी व्यवस्था है। जब मंडी में किसान की फसल पहुंच जाती है तो हमारी और से पूरी व्यवस्था की जाती है।
राजकुमार, मंडी संचालक राजपुरा सांबा।
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खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से किसानों की फसल की खरीदारी कर मंडी में जमा की जाती है। आर्डर मिलने पर धान की फसल विभाग के गोदाम में भेजी जाती है। एक दो दिन मंडी में ही फसल रहती है। ऐसे में बारिश के बचाव के लिए उन्होंने मंडी संचालकों को पहले ही निर्देश दिए हैं कि तिरपाल आदि की पूरी व्यवस्था की जाए।
कोमल, अधिकारी खाद्य आपूर्ति विभाग राजपुरा सांबा।
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कृषि विभाग किसानों की रजिस्ट्रेशन कर मंडी भेजते हैं। वहां पर किसान की ईकेवाईसी होती है, जिसके बाद धान को खरीदा जाता है। बारिश से बचाव के लिए विभाग की ओर से तिरपाल भी उपलब्ध करवाए गए हैं।
सुमित दत्ता, अधिकारी कृषि विभाग राजपुरा सांबा।