कश्मीरी विस्थापितों के लिए अलग टाउनशिप बनाने के प्रस्ताव के विरोध में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) अध्यक्ष यासीन मलिक का 30 घंटे का अनशन रविवार को दोपहर में समाप्त हो गया। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों की हुई गोष्ठी में अलग टाउनशिप बनाने का विरोध किया गया।
ज्ञात हो कि माईसुमा इलाके में अनशन पर बैठे मलिक को समर्थन देने स्वामी अग्निवेश भी शनिवार को पहुंचे थे। जेकेएलएफ अध्यक्ष कहना है कि अलग टाउनशिप बनाने से समाज में भाईचारे तथा इंसानियत समाप्त होने का खतरा है। कश्मीर में सदियों से लोग साथ रहते आए हैं।
कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के प्रति यदि सरकार गंभीर है, तो उन्हें सबके साथ बसाया जाए। कश्मीरी समुदाय किसी भी सूरत में अलग टाउनशिप बर्दाश्त नहीं करेगा। कश्मीरी पंडित घाटी आएं और सबके साथ मिल जुलकर रहें। इसमें किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है।
सरकार अलग टाउनशिप बनाकर कश्मीरी पंडितों को तनाव भरे माहौल में रहने के लिए विवश न करे। अनशन स्थल के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने पाए।