बिलावर। मकर संक्रांति पर लोगों ने नदियों में स्नान कर पूजा-पाठ और दान किया। इस अवसर पर कई लोगों ने सुबह सवेरे स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। बिलावर किशनपुर सहित कई अन्य गांवों में भंडारे भी लगाए गए। इसमें लोगों को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि जनवरी के महीने का सबसे बड़ा त्यौहार मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। इसका मतलब सूर्य उत्तर की दिशा की ओर बढ़ते हैं और इसके बाद से दिन बड़े और रातें छोटी होना शुरू हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे मकर संक्रांति या उत्तरायण कहा जाता है। इस दिन तेल और अन्य वस्तुओं का दान किया जाता है। इससे सूर्य देव और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।