विधानसभा के बजट सत्र में भी गरमाया था मामला
विधानसभा के बजट सत्र में भी जल जीवन मिशन में अनियमितताओं, अधूरे कार्यों और कई परियोजनाओं के शुरू न होने को लेकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मामले की जांच कर रही समिति का कार्यकाल 31 मई तक बढ़ा दिया गया था। समिति की जांत रिपोर्ट के सामने आने के बाद जल जीवन मिशन में बड़ा घोटाला सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जल जीवन मिशन में करीब 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। आरोप है कि राशि का उपयोग जमीनी कार्यों पर नहीं हुआ और कागजों में खर्च दर्शा दिया गया। इस मामले को आईएएस अधिकारी अशोक परमार ने उजागर किया था। इसके बाद जेजेएम के प्रबंध निदेशक (एमडी) को पद से हटा दिया गया था। इस मामले में विभागीय जांच भी जारी है। कमेटी इस पर भी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।