शिक्षा विभाग में एक बार फिर से बडे़ पैमाने पर बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों की ट्रांसफर की तैयार की जा रही है। कुछ दिनों से इसकी सूची तैयार करने का काम चल रहा है। इस बार ट्रांसफर उन शिक्षकों की करने की तैयारी की जा रही है, जो कि बिना विद्यार्थियों या फिर नाममात्र विद्यार्थियों की संख्या से चल रहे स्कूलों में तैनात हैं। इन ट्रांसफर से उन स्कूलों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जहां जरूरत से बहुत कम स्टाफ है।
जब भी सरकारी स्कूलों की बात की जाती है तो सबसे पहले शिक्षकों की कमी की बात सामने आती है। शिक्षकों की कमी के कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होती है। शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी जम्मू संभाग के दूरदराज ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूलों में हैं। कुछ दिन पहले विधानसभा में शिक्षा मंत्री ने एक बड़ा खुलासा करके शिक्षकों की कमी को लेकर शिक्षा विभाग की पोल खोल कर रख दी।
जम्मू संभाग में 50 स्कूल बिना विद्यार्थियों के चल रहे हैं। प्रत्येक स्कूल में तीन शिक्षक तैनात हैं। यानी 150 शिक्षक बिना कोई काम किए वेतन हासिल कर रहे हैं। 3611 स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या एक से 20 है। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग इन शिक्षकों को उक्त स्कूलों से हटाकर उन स्कूलों में पहुंचाने की तैयारी कर रहा है, जहां स्टाफ की कमी है और स्कूलों का परीक्षा परिणाम गिर रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशक के निर्देश पर सभी जिलों में चीफ एजूकेशन आफिसर्स को सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। एक सूची वह तैयार की जा रही है, जो शिक्षक स्कूलों में बेकार बैठे हैं और दूसरी सूची उन स्कूलों की तैयार की जा रही है, जहां शिक्षकों की सख्त कमी है। इन सूचियों के तैयार होने के बाद शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की ट्रांसफर करने की पूरी तैयारी है।