मेजर गोगोई और उनके चालक को पुलिस ने पिछले साल 23 मई को तब पकड़ा था जब उनका होटल स्टाफ से विवाद हो गया था। गोगोई 18 वर्षीय एक युवती के साथ होटल में कथित प्रवेश की कोशिश कर रहे थे। इसी बात को लेकर होटल के कर्मचारियों से उनका झगड़ा हुआ था। युवती ने कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया के दौरान गवाही देने के प्रति अनिच्छा जताई थी। उसने सेना के अधिकारियों को सूचित किया था कि उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया था तथा इसे ही उसका अंतिम बयान माना जाए। वह मेजर गोगाई के साथ अपनी मर्जी से गई थी। उसने कहा था कि वह सेना अधिकारी के उबैद अरमान नाम से बने उनके फ र्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए उनकी दोस्त बनी थी।
सेना प्रमख ने कड़ी सजा की बात कही थी
पिछले साल हुई इस घटना के तुरंत बाद सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि यदि मेजर गोगोई किसी अपराध के दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। सेना का कोई अधिकारी यदि किसी अपराध का दोषी पाया जाता है तो हम हरसंभव कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे।
ऐसे आए थे चर्चा में
मेजर गोगोई तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने नौ अप्रैल 2017 को बडगाम में उपचुनाव के दौरान पथराव कर रही अनियंत्रित भीड़ का सामना करने के लिए एक व्यक्ति को जीप के बोनट पर बांध दिया था। उन्हें आरआर यूनिट में मार्च 2016 में पोस्टिंग मिली थी।