मंदिरों के शहर के साथ-साथ हरियाली का संदेश देता जम्मू शहर अतिक्रमणकारियों की भेंट चढ़ गया है। लोगों के सेहतमंद और तंदरुस्त रहने के लिए बनाए गए शहर के अधिकतर पार्कों पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के कुछ मंत्रियों, नेताओं और अफसरों ने सुरक्षा कर्मियों को टेंट लगवाकर अपनी सुरक्षा में तैनात करवा रखा है।
जिस कारण शहर के बड़े-बुजुर्ग पार्कों में सैर करने में असहजता महसूस करते हैं। बच्चों को मौज-मस्ती करने में हिचक महसूस होती है।
राजनीति की सूली चढ़े अधिकतर पार्कों में ग्रीन बेल्ट के पार्क शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम के वार्डों में भी बने कुछ पार्कों में तरह-तरह से बच्चों को खेलने-कूदने में दिक्कतें आती हैं।
फ्लोरीकल्चर, नगर निगम और जिला प्रशासन सोया पड़ा है। पार्कों का रखरखाव भी राम भरोसे है। नगर निगम के कई वार्डों में पार्क हैं, जिनमें से अधिकतर की हालत खस्ता है।
नगर निगम ने मानसून के दौरान मिट्टी नरम होने की स्थिति में पौधरोपण करना था, लेकिन वह भी नहीं किया गया, इसके लिए रखे आरक्षित फंड का भी इस्तेमाल नहीं हो सका।
फिर कुछ जगह पर पार्कों में फव्वारे लगे हैं, इनमें अधिकतर बंद हैं या खस्ताहालत में हैं। निगम के छोटे पार्क भी हैं, कई पार्क फ्लोरी कल्चर को दे दिए गए हैं।
नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर एडमिन आरएस जम्वाल के मुताबिक पार्कों कोखाली करवाने के लिए सरकार ने आर्डर निकाला है, जिसे संबंधित विभागों को अमल में लाना है।