भीड़ प्रबंधन और यात्रा के नियम होंगे सख्त
यात्रा के नियम और भीड़ प्रबंधन के नियम सख्त होंगे। बैठक में ठहरने की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली, पीने के पानी की आपूर्ति, लंगर सुविधा, मेडिकल व आपातकालीन सेवाओं, हेलिकॉप्टर सेवाओं पर मंथन किया गया। साथ ही तय स्थानों पर यात्रा वाहनों की पार्किंग के लिए सही समय स्लॉट के साथ पार्किंग स्थलों, साइनेज, सुरक्षा उपायों, ट्रैफिक प्रबंधन, सुविधाओं को बेहतर बनाने, यात्रा मार्ग व तीर्थस्थल पर विकास परियोजनाओं, पूरी मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सुविधाओं और सुरक्षा की योजना इस तरह बनाई गई
- यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सुरक्षा चेकपॉइंट को कड़ा किया जाएगा।
- श्रद्धालुओं के लिए जल आपूर्ति, शौचालय, विश्राम स्थल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। रास्ते में खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
- आने-जाने में श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो इसके लिए परिवहन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
- किसी भी आपातकालीन स्थिति का त्वरित समाधान किया जा सके। मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी।
- यात्रा मार्गों की समीक्षा की जाएगी जहां जरूरत होगी मार्ग दुरुस्त किए जाएंगे। यात्रा मार्गों पर सफाई अभियान चलाएं और सुनिश्चित करें कि कोई कचरा या अव्यवस्था न हो।
- पर्यटन विभाग की ओर से बनाए जा रहे यात्री निवास व डॉरमेट्री, रास्ते में बने आराम करने के शेड, यात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश।
हर सरकारी आवास पर एक अधिकारी की तैनाती
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि हर सरकारी आवास पर एक अधिकारी तैनात किया जाए ताकि यात्रियों को सुविधाएं मिल सकें। यात्रा के दौरान डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल उपकरण, दवाएं व एंबुलेंस 24 घंटे उपलब्ध रहें। भीड़ प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना के लिए कहा गया।
अगस्त 2025 में चिशोती हुआ था हादसा:
बीते वर्ष चिशोती में हुए हादसे में 68 लोग मारे गए थे। 31 लापता लोगों को मृत घोषित करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।