भीषण बाढ़ ने कश्मीर उच्च न्यायालय के कामकाज को भी प्रभावित कर दिया है। बाढ़ के कारण उच्च न्यायालय में पड़े रिकार्ड भी खराब हो गए हैं। फिलहाल एक जज के घर में उच्च न्यायालय चलाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के चीफ जस्टिस एमएम कुमार के अनुसार, कश्मीर में आई भीषण बाढ़ के कारण करीब बीस फीसदी पुराना रिकार्ड ही बच पाया है।
कुमार के अनुसार संविधानिक दायित्व को ध्यान में रखते हुए न्यायालय को ज्यादा समय तक बंद नहीं रखा जा सकता, इसलिए उन्होंने सरकार से न्यायालय को चलाने के लिए इमारत की मांग की थी, लेकिन सरकार ने उनकी मांग पर असमर्थता दिखाई, जिसके बाद एक जज ने अपना मकान उच्च न्यायालय का कार्य चलाने के लिए दिया है।
जिसका अड्रेस एम-5 गुप्कार है। कुमार ने यह भी जानकारी दी फिलहाल अति महत्वपूर्ण केसों की सुनवाई की जा रही है। खासकर बाढ़ से जुड़ी हुई शिकायतों की। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से कार्य शुरू करने में अभी भी करीब दो सप्ताह का समय लग सकता है।