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उपराज्यपाल ने कहा: गांवों के विकास कार्यों पर अब सीधी नजर, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा लाभ

Tue, 11 Jan 2022 12:11 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उप राज्यपाल ने जम्मू संभाग के डीडीसी अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के साथ बैठक की। एलजी ने कहा कि विकास में असंतुलन को दूर करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाकर गांवों में सुशासन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
 
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। - फोटो : विज्ञप्ति
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विस्तार
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उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि डीडीसी अब जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक जिले के ग्रामीण इलाकों में चलने वाले विकास कार्यों की लगातार निगरानी कर सकेंगे। साथ ही समय पर इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए मूल्यांकन कर सकेंगे। सतत आर्थिक विकास, लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना और आम लोगों के लिए बेहतर जीवन प्रशासन व लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्राथमिकता है।

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राजभवन में जम्मू संभाग के सभी जिलों के डीडीसी अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि बीम्स और अन्य प्रभावी तकनीकी माध्यमों के जरिये विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी हो पा रही है। खर्च पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल रही है। इस वजह से परियोजनाएं बेवजह विलंबित नहीं हो रही हैं।

उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाकर गांवों में सुशासन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। डीडीसी और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक विकास का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कहा कि विकास में असंतुलन को दूर करना हमारी प्राथमिकता है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध भी हैं।  
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तीन महीने में समस्याओं के हल का मिला भरोसा
जम्मू के डीडीसी अध्यक्ष भारत भूषण ने बताया कि जम्मू संभाग के सभी अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ सौहार्दपूर्ण बैठक हुई है। उप राज्यपाल ने तीन महीने के भीतर सभी समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया है। कैपेक्स बजट की राशि सौ फीसदी खर्च करने का आश्वासन दिया है।

इसके साथ ही डीडीसी सचिवालय की कार्यप्रणाली की दिक्कतों को दूर करने का भरोसा दिया है। बताया कि मांग की गई कि वित्तीय अधिकार सीईओ को दे दिया जाए या फिर डीसी को ही सीईओ बना दिया जाए। सुरक्षा व मानदेय का मुद्दा भी हल करने का आश्वासन दिया गया है। 

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