लद्दाख को जैविक प्रदेश बनाने के लिए उपराज्यपाल आरके माथुर ने मिशन ऑर्गेनिक डेवलपमेंट इनिशिएटिव (मोदी) योजना लॉन्च कर दी। मोदी योजना का लक्ष्य पांच साल में लद्दाख को पूरी तरह से जैविक प्रदेश में तब्दील करना है। प्रदेश में 500 करोड़ रुपये की विशेष फंडिंग से लद्दाख के गांव चरणवार जैविक खेती में परिवर्तित किए जाएंगे।
लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के लेह और कारगिल अध्यक्षों समेत वरिष्ठ अफसरों ने योजना क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद उपराज्यपाल ने योजना की ऑनलाइन लॉन्चिंग कर दी।
इस योजना के तहत पहले चरण में 66 गांवों को 2020, 85 गांवों को 2023 और 90 गांवों को 2025 तक प्रमाणिक रूप से जैविक किया जाएगा। खास बात है कि जैविक उत्पादों की मांग बढ़ाकर यह योजना किसानों को 30 से 40 फीसदी अधिक दाम दिलाएगी।
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बर्फ में उगेंगी सब्जियां, डिफेंस इंस्टीट्यूट ने बनाए ग्रीनहाउस
लद्दाख में खून जमा देने वाली सर्दी में भी अब सब्जियां उगाई जा सकेंगी। साल के छह माह तक देश-दुनिया से कटे रहने वाले लद्दाख के लिए डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एल्टीट्यूड रिसर्च (डीआईएचएआर) ने छह साल की मेहनत के बाद विशेष ग्रीनहाउस तैयार कर लिया है। एलजी आरके माथुर ने शनिवार को लद्दाख ग्रीनहाउस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया।
पॉली कार्बोनेट ग्रीनहाउस कई फुट बर्फ की परत में भी भीतर से गर्म रहता है। इस ग्रीनहाउस की मियाद 25 वर्ष तक पाई गई है। लद्दाख में ग्राम स्तर पर क्लस्टर बनाकर बारह महीने सब्जियां उगाई जाएंगी। 76.44 करोड़ की परियोजना में लेह और कारगिल जिले के लिए कुल 1676 ग्रीनहाउस तैयार किए जाएंगे।
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