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भूलकर भी कोरोना संक्रमित की पहचान सार्वजनिक न करें, इन्होंने की गलती और भुगतनी पड़ी ये सजा

Sun, 05 Jul 2020 04:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
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जम्मू संभाग में राजोरी जिले के पीढ़ी शिक्षा जोन में सरकारी हाई स्कूल चंबीत्राड के एक मास्टर को एक कोरोना संक्रमित की पहचान व्हाट्सएप पर साझा करने पर सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उसे स्कूल से हटाकर एसीआर कार्यालय अटैच कर दिया है।

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डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नजीर शेख ने बताया कि स्कूल के मास्टर शमशेर हुसैन ने कोरोना संक्रमित एक अन्य शिक्षक की पहचान एक ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जिसमें जोन के अन्य सभी शिक्षक थे। इस कारण पीड़ित शिक्षक को और उसके परिवार को अपमान और सामाजिक कष्ट सहना पड़ रहा है।
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परिवार ने शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि मास्टर शमशेर की इस हरकत के चलते उन्हें बहुत अपमान सहना पड़ा है। लोग उनके बारे में तरह-तरह की बातें करते हैं। डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए और कोरोना संक्रमित मरीज की पहचान डिस्कलोज न करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उक्त मास्टर को तत्काल निलंबित कर उसे उक्त स्कूल से हटाकर एसीआर कार्यालय में अटैच कर दिया है। इतना ही नहीं डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और डिप्टी डायरेक्टर एंप्लॉयमेंट को संयुक्त रूप से मास्टर के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।

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