उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों को आतंकवाद से मुक्त कर दिया गया है। आतंक का पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से हिल चुका है। पूरे प्रदेश से आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के प्रयास जारी हैं। नारको आतंकवाद बड़ा खतरा है। इसे यदि समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो कैंसर की तरह सामने आ सकता है। वह गांदरबल जिले में मणिगाम स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में रविवार को नए रंगरूटों के पासिंग आउट समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान 538 रंगरूट पुलिस बल का हिस्सा बने।
उप राज्यपाल ने कहा कि हमें देश विरोधी तत्वों के नए खतरों को समाप्त करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने की जरूरत है। पुलिस ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ अपनी मानवीय और तकनीकी खुफि या जानकारी के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों को आतंकवाद और इसके पारिस्थितिकी तंत्र के खतरे से मुक्त किया है, लेकिन पूरे प्रदेश से आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। नारको आतंकवाद तेजी से सबसे बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है। इससे समय रहते तेजी से निपटना है।
एलजी ने कहा कि उग्रवाद को खत्म करने के लिए इसके सभी ऑफशूट और इसका समर्थन करने वाले तंत्र को नष्ट करने की आवश्यकता है। पुलिस को विभिन्न मोर्चों पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर की तुलना में अन्य राज्यों में पुलिस के लिए चुनौतियां कम हैं। यहां पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक अपराध, उग्रवाद और देश विरोधी तत्वों से भी निपटना होता है।
सोशल मीडिया के दुष्प्रचार का डटकर मुकाबला
जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने कौशल, समर्पण, गतिशीलता और देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के संकल्प के साथ-साथ बेहतर आंतरिक सुरक्षा मशीनरी का बेहतरीन उदाहरण है। समय के साथ उन्होंने दिखाया है कि जहां चाह होती है वहां आगे बढ़ने का रास्ता होता है। उन्होंने सभी चुनौतियों का बहादुरी से और पेशेवर तरीके से सामना करने के लिए पुलिस बल की सराहना की। पुलिस बल इसी माध्यम से तकनीकी और सोशल मीडिया के दुष्प्रचार का मुकाबला करने की कला तेजी से सीख रहा है। हमने ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करके सोशल मीडिया के दुष्प्रचार का मुकाबला किया है और पुलिस बल उस मोर्चे पर कड़ी मेहनत कर रहा है।
पुलिस बल को और अधिक बनाया जाएगा कुशल
एलजी ने कहा कि प्रशासन वर्षों से पुलिस को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहा है और आने वाले समय में पुलिस बल को और अधिक कुशल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए रंगरूटों को न केवल सामान्य पुलिसिंग करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है बल्कि कानून-व्यवस्था को संभालने, उग्रवाद से निपटने और सीसीटीएनएस के माध्यम से जुड़े रहने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है।
तरक्की के दुश्मनों के खिलाफ अवाम आए आगे
उप राज्यपाल ने कहा कि अवाम का यह दायित्व है कि ऐसे लोगों के खिलाफ उठ खड़े हों जो तरक्की की राह में बाधा पहुंचा रहे हों। जो अशांति फैलाने की कोशिशें कर रहे हों। दुनिया के किसी भी हिस्से में जहां शांति नहीं है, वहां विकास नहीं है। इसलिए ऐसे दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम अपने हितों की रक्षा के लिए संकल्पित हैं और जो इन संकल्पों की परीक्षा लेना चाहेगा उसे भारी कीमत चुकानी होगी।