जम्मू-कश्मीर में व्यापक विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी ताकत से सक्रिय हो गई है। सार्वजनिक उपयोगिता वाले विभिन्न कार्यों को त्वरित गति से पूरा करने के लिए प्रदेश के सभी उपायुक्तों को संयुक्त अनुदान की पहली किश्त के रूप में पचास लाख रुपये देने की घोषणा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले का दौरा करने के दौरान की।
इस दौरान उन्होंने पिछले 22 वर्षों से अटके जेटी ब्रिज के निर्माण के लिए 21 करोड़ की राशि तत्काल मंजूर करते हुए इसे दो वर्ष के भीतर पूरा करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने कई विकास योजनाओं का ई-उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
उपराज्यपाल ने बारामुला के गवर्नमेंट मेडिकल का निरीक्षण कर वहां चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया। इसका निर्माण 139 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है और इसे पर जुलाई 2021 तक पूरा किया जाएगा। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को काम की गति में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसका निर्माण कार्य लंबे समय से अटका हुआ था।
जिले के विकास कार्यों की समीक्षा के बाद उन्होंने अधिकारियों को जिला कैपेक्स योजनाओं को तैयार करने का निर्देश दिया ताकि आवंटन का उपयोग कुशल तरीके से किया जा सके। डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने में अनजाने में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता के बिना लाभार्थियों के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करना सुनिश्चित करें। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की शिकायतों के समय पर निपटान के लिए व्यवस्था में सुधार पर विशेष ध्यान दें।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कृषि, बागवानी, पशु और भेड़पालन संबंधी सभी सेवाओं स्थानीय लोगों को भरपूर लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को विशेष ध्यान देना होगा।
18 प्रतिनिधि मंडलों से की मुलाकात
अपने जनपहुंच कार्यक्रम के तहत उपराज्यपाल ने बारामुला और चहल बोनियार में 18 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडलों ने उन्हें अपने प्रमुख मुद्दों तथा मागों से अवगत कराया। उन्होंने स्थानीय निकाय के सदस्यों से भी बातचीत की। स्थानीय निकायों को सशस्क बनाने के लिए 73वें और 74वें संशोधन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराई।