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jammu Kashmir: राजोरी-पुंछ में पाकिस्तान को रास नहीं आ रहा विकास, फैला रहा आतंक- ले. जनरल द्विवेदी

Mon, 15 Jan 2024 12:18 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उत्तरी सेना प्रमुख ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं। पिछले चार वर्षों में बहुत सारे बदलाव हुए हैं। और सभी बदलाव अच्छे के लिए हुए हैं, चाहे वह बुनियादी ढांचे का विकास हो, पर्यटकों का आगमन हो या बाहरी निवेश हो।
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Lt Gen Upendra Dwivedi - फोटो : सेना
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विस्तार
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सेना के उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पड़ोसी देश पाकिस्तान ने पुंछ-राजोरी क्षेत्र में आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है। क्योंकि यहां चल रहे विकास कार्यों से उनमें बौखलाहट हैं। पुंछ-राजोरी क्षेत्र में लोगों के जीवन में समृद्धि और सुधार हुआ है। निवेश आ रहा है और लोगों को नौकरियां मिल रही है। इससे पाकिस्तान में बेचैनी है।

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शांति और समृद्धि का यह माहौल हमारे पड़ोसी देश को रास नहीं आ रहा है। इसलिए वे क्षेत्र में उग्रवाद को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन हमने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वे आने वाले दिनों में उग्रवादी गतिविधियों पर काबू पा लेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने कहा कि क्षेत्र में पुलिस, सेना और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'पुलिस स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जा रही है, साथ ही हम कुछ बदलाव भी कर रहे हैं। इससे हमें स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।'
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2023 में कामयाब नहीं हुई घुसपैठ की कोशिशें

सेना कमांडर ने कहा कि 2023 को शून्य-घुसपैठ वर्ष घोषित किया गया है क्योंकि कोई भी आतंकवादी नियंत्रण रेखा के माध्यम से आने में सक्षम नहीं था। उन्होंने कहा, 'अगर आप पिछले साल देखें तो मारे गए केवल 21 आतंकवादी स्थानीय थे, बाकी 55 विदेशी थे। 2022 में 121 आतंकवादी भर्तियां हुईं लेकिन 2023 में केवल 19 ही हुए हैं।'

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अनुच्छेद 370 हटने के बाद सकारात्मक बदलाव हुए

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं। पिछले चार वर्षों में बहुत सारे बदलाव हुए हैं। और सभी बदलाव अच्छे के लिए हुए हैं, चाहे वह बुनियादी ढांचे का विकास हो, पर्यटकों का आगमन हो या बाहरी निवेश हो। कुल मिलाकर, यह जनता के लिए अच्छा है और जम्मू-कश्मीर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

लद्दाख में सात घर्षण बिंदुओं में से पांच को सुलझे

लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि उत्तरी सीमा स्थिर है लेकिन 'सामान्य नहीं' है।

उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में सात घर्षण बिंदुओं में से पांच को सुलझा लिया गया है, जहां भारतीय सेना और चीनी पीएलए मई 2020 से गतिरोध में हैं। बाकी क्षेत्रों के लिए बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, 'उत्तरी सीमा क्षेत्र स्थिर है लेकिन यह सामान्य नहीं है या मैं कह सकता हूं कि यह संवेदनशील है।'

वह सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए श्रीनगर में थे। सशस्त्र बल वयोवृद्ध दिवस हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन 1953 में भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के एम करियप्पा औपचारिक रूप से सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।
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