श्रीनगर स्थित 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट कर्नल सतीश दुआ ने कहा कि कश्मीर घाटी से सेना हटाने का अभी उचित समय नहीं है। जीओसी ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो कड़ी मेहनत से राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ मिली कामयाबी सेना खो सकती है।
उन्होंने कहा कि सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने कश्मीर में सुरक्षा का एक मजबूत ताना बूना है, जिसने पिछले 25-26 सालों में भारी हिंसा देखी है। सेना ने हिंसा को काफी हद तक नीचे ला दिया है।
यही कारण है कि आज जम्मू-कश्मीर में विकास गतिविधियां शुरू हो गई हैं। जीओसी ने कहा कि हमने सैनिकों और नागरिकों का खून बहाकर स्थिति नियंत्रण में की है। सेना को कुछ और समय दिया जाना चाहिए, ताकि कश्मीर घाटी विकास की ओर जा सके।
घाटी में आईएस के झंडे लहराने की घटनाओं पर जीओसी ने कहा कि जुमे की नमाज के बाद कुछ युवा मास्क लगाकर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रत्येक जुमे को दिखाने वाले आईएस झंडों के मामले पर नजर रखने की जरूरत है। क्या यह वास्तव में आईएस प्रायोजित हैं। चंद सेकेंड के लिए लहराए गए झंडे शाम की खबर में 30 मिनट तक दिखाए जाते हैं।