सूत्रों ने बताया चुनाव टालने के लिए दिए गए प्रत्यावेदन में सभी ने खराब मौसम के कारण मुगल रोड के बंद होने को आधार बनाया है। इनका कहना है कि मुगल रोड बंद होने की वजह से प्रत्याशियों को मतदाताओं तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इससे आम मतदाताओं तक निर्धारित समय में संपर्क नहीं हो पाया है। प्रत्यावेदन देने वाले प्रत्याशियों का कहना है कि यह लोकसभा सीट सीमावर्ती जिले राजोरी-पुंछ तथा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम व शोपियां को मिलाकर बनाई गई है।
दक्षिण कश्मीर तथा राजोरी-पुंछ के बीच संपर्क का एकमात्र साधन मुगल रोड है जो पिछले दिनों लगातार बारिश तथा बर्फबारी के कारण कई दिनों तक बंद रहा है। नामांकन के दौरान भी सड़क बंद रही। यहां का चुनाव सात मई को होना है। ऐसे में लोकतंत्र के पर्व में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा लोगों तक पार्टी प्रत्याशियों की आवाज पहुंचाने के लिए यह जरूरी है कि चुनाव को टालकर प्रचार के लिए कुछ समय और दिया जाए।
अनंतनाग-राजोरी सीट के चुनाव अधिकारी की ओर से इस मुद्दे पर शुक्रवार को प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई है। पार्टी की ओर से इस बाबत राय रखी जाएगी।
- जफर इकबाल मन्हास, प्रत्याशी-अपनी पार्टी
चुनाव टालने के लिए आठ ने दिया प्रत्यावेदन
सूत्रों ने बताया कि चुनाव टालने के लिए कुल आठ प्रत्यावेदन चुनाव आयोग को भेजे गए हैं। इनमें पीपुल्स कांफ्रेंस के इमरान रजा अंसारी, भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना, अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैय्यद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी, जम्मू-कश्मीर नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट, अपनी पार्टी प्रत्याशी जफर इकबाल मन्हास, डीपीएपी प्रत्याशी एडवोकेट मोहम्मद सलीम पर्रे, प्रत्याशी अली मोहम्मद वानी व अर्शीद अली लोन शामिल हैं।