सांबा। बीते दिनों हुई बारिश से जहां गेहूं व सरसों के साथ सब्जियों को नुकसान पहुंचा है, वहीं प्याज की फसल भी बीमारी की चपेट में आ गई है।
किसान राज सिंह, बिल्लू राम, कुलदीप राज, शमशेर, आदि ने बताया कि वह प्याज की फसल लगाते आ रहे हैं। पहले कभी प्याज को कोई बीमारी नहीं होती थी। अब बारिश से उनकी प्याज की फसल बीमारी की चपेट में है। उन्होंने कहा कि पहले पीलापन होता है। उसके बाद प्याज सूख रही है। प्रत्येक वर्ष प्याज से अच्छी आमदनी करते थे, लेकिन इस बार लगने लगा है कि कहीं फसल नष्ट न हो जाए। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीमारी के कारण प्याज पीली पड़ रही है। इस पर दवाई का छिड़काव करना है। विभाग की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
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इन दवाओं के करें छिड़काव
बैंगनी धब्बा रोग और थ्रिप्स का प्रकोप लगभग उन सभी क्षेत्रों में देखा गया है, जहां प्याज और लहसुन की फसलें उगाई जाती हैं। यह रोग नम मौसम की स्थिति में सबसे अधिक प्रचलित है। इसके शुरूआती लक्षण दिखाई देने पर मैंकोजेब+कार्बेंडाजिम का 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। रोग और कीट दोनों की जांच के लिए एजोक्सिस्ट्रोबिन का एक मिली प्रति लीटर पानी के साथ और थायमेथोक्सम का 0.7 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ दूसरा स्प्रे करें।