बिश्नाह। कस्बे में इस वक्त लुटेरों का बोलबाला है। लुटेरे जहां चाहे वहां से लूट कर फरार हो जा रहे हैं। पुलिस उनको पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। मंगलवार को बीडीओ ब्लॉक के पास से मारुति कार में आए तीन लुटेरों ने पंजाब से आए प्लास्टिक की कुर्सियां और टेबल बेचने वाले को निशाना बनाया। कार सवार बदमाश कुर्सी विक्रेता से उसकी मोटरसाइकिल, 18 कुर्सियां और दो मोबाइल लूटकर फरार हो गए।
कुर्सी विक्रेता शनि ने बताया कि वह बीडीओ ब्लॉक के पास चाय की दुकान पर खड़ा था। तभी एक मारुति कार आकर उनके पास रुकी। उसमें से तीन लोग बाहर निकल, और कुर्सियों का मोलभाव करने लगे। उनमें से एक ने पूछा कि एक कुर्सी कितने की है, हमने बताया कि पांच सौ रुपये की। उन्होंने कहा कि हमें पांच सौ में चार कुर्सियां चाहिए। इसे लेकर उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। मार सवार हमसे दो मोबाइल मोटरसाइकिल व उस पर रखी 18 कुर्सियां, 4 टेबल लूट कर फरार हो गए।
कस्बा वासियों का कहना है कि क्षेत्र में चोरियों व लूटपाट की वारदातें काफी बढ़ गई हैं। इतनी चोरियों और लूटपाट के बावजूद पुलिस चोरों व लुटेरों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। लोगों का कहना है कि यहां एक अच्छे व होनहार थानेदार की जरूरत है। जो इन चोरियों व लूटपाट को रोक सके।
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पुलिस ने तीन घंटे में सुलझाई लूट की वारदात
बिश्नाह। पुलिस ने इलाके में हुई कुर्सी विक्रेता से लूट पाट करने की वारदात को तीन घंटे में सुलझा लिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके पास से लूटी गई मोटरसाइकिल, कुर्सियां बरामद कर ली हैं। पुलिस इन लुटेरों से चोरी की वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इलाके में हुई और चोरियों में इन तीनों का ही हाथ है।
मंगलवार सुबह कुर्सियां बेचने वाले पंजाब के लोगों से तीन बदमाशों ने मोटरसाइकिल और 18 कुर्सियों, 4 टेबल 2 मोबाइल छीन लिए और फरार हो गए। वारदात की जानकारी बिश्नाह पुलिस को दी गई। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी खंगाले व कोठी मोड़ क्षेत्र से इन लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से मोटरसाइकिल, मोबाइल व अन्य सामान बरामद कर लिया। बिश्नाह पुलिस ने इन लुटेरों की पैदल परेड भी निकाली। इसमें इनको कैसी मोड़ से थाने तक पैदल लाया गया। लुटेरों के पकड़े जाने की खबर के बाद एसपी हेडक्वार्टर रमनीष गुप्ता थाने पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी।
तीनों की पहचान सुखदेव सिंह उर्फ सुखा, लवली सिंह तथा अंग्रेज सिंह के रूप में हुई है। तीनों कोठी मोड़ इलाके के रहने वाले हैं। लूटा गया सामान को एक घर में छिपाया गया था।