कठुआ के रामलीला मैदान में पहुंचे कांग्रेसी नेता एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र में सत्तसीन भाजपा भेदभाव, टकराव और बदले की राजनीति कर रही है। कहा कि देश में सभी की अपनी विचारधारा और सोच है। राजनीतिक दल अलग हो सकते हैं। लेकिन निर्वाचित मुख्यमंत्री को जेल में डाल देना और विपक्ष की आवाज को खत्म कर देना गलत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक प्रमुख विपक्षी पार्टी है। जिसके खाते सीज कर दिए गए। मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया गया। विपक्ष की आवाज को खत्म किया जा रहा है और निर्वाचन आयोग चुपचाप देख रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं का भाषण सिर्फ हिंदू-मुसलमान, मस्जिद-मंदिर और हिंदुस्तान-पाकिस्तान तक ही सीमित है। देश में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, निवेश, बेरोजगारी, महंगाई, महिला, नौजवान, किसान, खाद, बीज, बिजली, पानी के मुद्दों पर वह बात नहीं करना चाहते। भाजपा लोगों को इकट्ठा कर जज्बात से खेलती है और लचीले भाषण देकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
कहा कि गरीब और अमीर में एक बड़ी खाई बन चुकी है। आज से पहले ऐसा नहीं था। कहा कि, भाजपा ने 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वायदा भी पूरा नहीं हुआ। 10 साल से पूर्ण बहुमत वाली सरकार भाजपा ने चलाई और अंत में जो हाल देश के बने वह किसी से छिपे नहीं हैं। देश के हवाई अड्डे, बंदरगाह, रेल, पोर्ट्स सारे निजी हाथों में देते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो वायदे किए। उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।
अब बदलाव की लहर
सचिन पायलट ने कहा कि चुनावी दौर में उन्होंने आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ का दौरा किया है। हर जगह बदलाव की लहर है। जनता अब भाजपा से सवाल पूछ रही है। कहा कि यह केवल रियासत ही नहीं मुल्क की तकदीर तय करने का चुनाव है। यह चुनाव देश के अगले पांच साल की दिशा और दशा तय करेंगे। इसका निर्णय जनता को करना है।
उधमपुर सीट पर 19 अप्रैल को होगा मतदान
जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में उधमपुर संसदीय सीट के लिए 19 अप्रैल को मतदान होना है। पहले चरण के मतदान से 48 घंटे पहले 17 अप्रैल बुधवार की शाम छह बजे से चुनाव प्रचार थम जाएगा।
अब घर-घर जाकर प्रचार कर सकेंगे प्रत्याशी
मतदान का शोर थमने के बाद पूरे संसदीय क्षेत्र में कहीं भी रोड शो, जुलूस, रैली और सभा नहीं होगी। बाहरी प्रचारकों को भी प्रदेश से बाहर जाना होगा। चुनावी भाषा में इस अवधि को ‘साइलेंस पीरियड ऑफ 48 ऑवर्स’ कहा जाता है। उसके बाद प्रत्याशी घर-घर जाकर प्रचार कर सकते हैं।