लोकसभा चुनाव के लिए सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर शांतिपूर्वक चुनाव करने की व्यापक तैयारी कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रदेश के पांच जिले ऐसे हैं, जहां पर चुनाव करना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है। हम बात कर रहे हैं लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) से लगे पांच जनपदों की। इसके करीब 91 हजार वोटरों पर पाकिस्तानी गोलाबारी का खतरा मंडरा रहा है। खासकर पुंछ जिले में हर रोज पाकिस्तान की तरफ से रिहायशी इलाकों को टारगेट किया जा रहा है। ऐसे में यहां चुनाव कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार पुंछ जिले में 38 पोलिंग स्टेशन एलओसी के अधीन बने हुए हैं। यहां 14 हजार वोटरों को मतदान करना है। कुपवाड़ा में 74 पोलिंग स्टेशन पर 40 हजार मतदान करेंगे, बारामुला में 19 पोलिंग बूथ पर 8024 मतदाता वोट करेंगे। राजोरी में 51 पोलिंग बूथ पर 33 हजार मतदाता वोट करेंगे। बांदीपोरा में सिर्फ गुरेज का सेक्टर एलओसी के अधीन आता है। बांदीपोरा के जिला उपायुक्त शाबाज मिर्जा का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है। उस पार से किसी तरह की गोलाबारी का अंदेशा नहीं हैं।
लगातार हो रही पुंछ में गोलाबारी
राजोरी और पुंछ जिले में सबसे अधिक तनाव के बीच चुनाव होगा। क्योंकि पिछले डेढ़ महीने में इन जिलों की एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से रिहायशी इलाकों को टारगेट कर निशाना बनाया जा रहा है। इससे इलाकों में तनाव बना हुआ है।