पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रियासत में जल्द विधानसभा चुनाव कराने की वकालत की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य के लोग किसी एक पार्टी के शासन के पक्ष में मतदान करेंगे न कि गठबंधन वाली सरकार बनाने के पक्ष में। गठबंधन सरकार का सिलसिला 2002 से चल रहा है।
नेकां उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य में विधानसभा का चुनाव लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद तीन से पांच सप्ताह के भीतर कराए जा सकते हैं क्योंकि तब पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबल उपलब्ध होंगे। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान 19 मई को है और मतों की गिनती 23 मई को होगी। अब्दुल्ला ने कहा कि हमारे पास निश्चित रूप से लोकसभा चुनाव के बाद और अमरनाथ यात्रा से पहले का समय है।
राज्य में तीन से पांच सप्ताह के भीतर विधानसभा चुनाव कराना संभव है। यदि चाहें तो हम इसकी तैयारी संसदीय चुनाव के अंतिम चरणों से शुरू कर सकते हैं। इसके बाद चुनाव कराने के लिए जून का पूरा महीना है । कहा कि विश्वास करने लायक कोई कारण नहीं है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि आयोग जल्द चुनाव कराने में रुचि नहीं ले रहा।
उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा की वजह से चुनाव में देरी नहीं होनी चाहिए। यह यात्रा जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू होती है। अगर रमजान संसदीय चुनाव के लिए बाधक नहीं है तो विधानसभा चुनाव के लिए अमरनाथ यात्रा क्यों बाधक होगी। अमरनाथ यात्रा दो जिलों अनंतनाग और गांदरबल में होती है। तकनीकी तौर पर कहें तो विधानसभा क्षेत्र पहलगाम और कंगन में यह होती है।ऐसा कार्यक्रम तय किया जा सकता है कि इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव या तो यात्रा से पहले या फिर यात्रा के तत्काल बाद समाप्त हो जाएं।