हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी रियाज नायकू का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें वह अपनी बेरहमी का इजहार कर रहा है। ऑडियो क्लिप में कहा गया है कि 2008 में जब हालात खराब हुए तब बहुत से जवानों ने अपनी जान दे दी। 2010 में भी बहुत से युवाओं ने सड़कों पर आकर अपनी नाराजगी जताई। साल 2016 में भी घाटी में युवाओं ने अपनी जान दी।
ऑडियो में रियाज नायकू ने कहा कि उत्तरी कश्मीर में राजनीतिक दलों की तरफ से रैली निकाली जाती है, जिसमें लोग कहते हैं आया-आया शेर आया। यही लोग आतंकी के जनाजों में आकर कहते हैं कि आया आया शेर आया। अब यहां के लोग कहते हैं कि हम पानी राशन और बिजली के लिए वोट देते हैं, लेकिन आप को नहीं पता कि आपके वोट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल करते हैं। हमारा मसला हमारा हक है जो माना नहीं जा रहा। आप किस लिए अपना वोट देते हो।
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला का नाम लेते हुए रियाज ने कहा कि, ये वही फारूक अब्दुल्ला हैं जो दिल्ली में कहते हैं कि कश्मीर को गोली मारी, पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का नाम लेते हुए ऑडियो क्लिप में रियाज ने कहा कि ये वही पार्टी है जो बीजेपी को यहां सत्ता में लाई और आपके बच्चों को मरवा दिया और कहते हैं कि क्या आपके बच्चे दूध और टॉफी लेने के लिए जाते हैं।
इंजीनियर रशीद को असेंबली में घसीटते हुए बाहर निकाल दिया, लेकिन जिनकी बात यहां नहीं मानी गई तो वह दिल्ली क्या करने जाएंगे। यहां के नेताओं को दिल्ली में टिशु पेपर की तरह इस्तेमाल किया जाता है।