पाकिस्तान के जख्मों को लगातार सहने वाले बारामुला जिले के उड़ी में चुनावी बयार चरम पर है। भाजपा समेत विभिन्न पार्टियों के झंडे यहां लहरा रहे हैं। बारामुला संसदीय क्षेत्र में केवल उड़ी में ही चुनावी फिजां देखने को मिल रही है। ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान को यहां के लोग आंख दिखाना चाहते हैं कि चाहे वह जितनी भी गड़बड़ियां कर ले जम्मू-कश्मीर में जम्हूरियत को रोक नहीं पाएगा।
पिछले कुछ दिनों में उड़ी ने सैन्य कैंप हो या मोहरा आयुध भंडार, फिदायीन हमले का जख्म झेला है। साथ ही सीजफायर उल्लंघन के दौरान पाकिस्तानी गोलाबारी का भी दर्द झेला है। उड़ी टाउन से पाकिस्तान (कमान पोस्ट) की दूरी 17 किलोमीटर है। टाउन से कमान पोस्ट वाले पूरे रास्ते पर जगह-जगह भाजपा, नेकां, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस के झंडे लगे हुए हैं। किसी ने बिजली के खंभों पर झंडे लगाए हैं तो किसी ने दीवारों के सहारे झंडियों को। उड़ी बाजार को तो सभी पार्टियों ने अपने झंडों से पाट दिया है। सलामाबाद में ट्रेड सेंटर के आस-पास भी चुनावी माहौल दिखा। पाकिस्तान से लगते सिलिकूट, कमलकोट, चुरुंडा, उरुसा आदि गांव पड़ते हैं। यहां भी लोगों में चुनाव को लेकर उत्साह है।
इन गांव के लोगों से जब मतदान को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि चुनाव हमारे लिए जश्न की तरह है। चाहे लोकसभा का चुनाव हो या फिर विधानसभा का चुनाव। पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलाबारी की जाती है। कई बार हमें अपना घर-बार छोड़ना पड़ता है। पाकिस्तान की इन नापाक हरकतों के बाद भी हम चुनावी प्रक्रिया में पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हैं। हालांकि, ग्रामीण अपना नाम बताने से कतराते रहे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वे पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि यहां के लोग अमन पसंद हैं और अपने देश से उन्हें प्यार है।
इस बार भी भारी मतदान कर वे पाकिस्तान को संदेश देंगे कि जम्हूरियत में उनका विश्वास है। उनका न तो आतंकवाद से कोई नाता है और न ही पाकिस्तान से कोई लेना देना है। यहां के लोगों से जब यह पूछा गया कि विभिन्न पार्टियों ने संपर्क किया है कि नहीं तो उनका कहना था कि लगभग सभी पार्टियों ने संपर्क साधने की कोशिश की है। चुनावी रैलियां तो नहीं हुई पर प्रत्याशियों तथा उनके समर्थक जरूर पहुंचे हैं। वे यह भी जोड़ते हैं कि यदि प्रत्याशी नहीं पहुंचते तब भी वे बूथों तक पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग करते।
बहुकोणीय है मुकाबला
बारामुला सीट पर पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान होना है। इस संसदीय सीट में तीन जिले बारामुला, कुपवाड़ा तथा बांदीपोरा आते हैं। बांदीपोरा सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित है। चूंकि उड़ी पाकिस्तान से सटा हुआ है। इस वजह से यहां कई फिदायीन हमले हो चुके हैं। मुख्य रूप से इस संसदीय सीट पर एआईपी के इंजीनियर रशीद, भाजपा के जीएम वार, पीडीपी के कयूम वानी, नेकां के मोहम्मद अकबर लोन तथा पीपुल्स कांफ्रेंस के राजा एजाज अली के बीच मुकाबला है। कुपवाड़ा में भी प्रत्याशियों की ओर से चुनावी रैलियां की गईं हैं जिनमें उमर व महबूबा के साथ ही पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन की रैलियां प्रमुख हैं।
पिछले तीन चुनावों में वोटिंग प्रतिशत
जिला 2004 2009 2014
कुपवाड़ा 40.08 53.94 62.54
बारामुला 30.60 32.47 24.41
बांदीपोरा 40.46 45.40 35.24
संसदीय सीट में 15 विधानसभा
बारामुला संसदीय क्षेत्र में कुल 15 विधानसभा क्षेत्र हैं। कुपवाड़ा जिले के करनाह, कुपवाड़ा, लोलाब, हंदवाड़ा व लंगेट, बारामुला जिले के उड़ी, राफियाबाद, सोपोर, संग्रामा, बारामुला, गुलमर्ग व पट्टन तथा बांदीपोरा जिले के गुरेज, बांदीपोरा व सोनावारी विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
वोटर
जिला पुरुष महिला कुल
कुपवाड़ा 223760 211439 435199
बारामुला 326822 307319 634141
बांदीपोरा 120042 111241 231283
कुल 670624 629999 1300623